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फ़िजी में एकादशी 2027 की तारीखें — पारण-समय सहित

फ़िजी में एकादशी 2027: 25 तारीखें · 8 भारत से अलग
सब समय स्थानीय।
शहर-पन्ने: सुवा
तारीखएकादशीतिथि (स्थानीय)पारण / नोट
रविवार, 3 जनवरी 2027सफला एकादशी2 जनवरी, 8:55 PM → 3 जनवरी, 10:39 PM FJTपारण 4 जनवरी, 5:35 AM–8:13 AM
मंगलवार, 19 जनवरी 2027पौष पुत्रदा एकादशी18 जनवरी, 4:58 PM → 19 जनवरी, 2:20 PM FJTपारण 20 जनवरी, 5:45 AM–8:22 AM
मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027षट्तिला एकादशी1 फ़रवरी, 3:12 PM → 2 फ़रवरी, 5:41 PM FJTपारण 3 फ़रवरी, 5:54 AM–8:28 AM
बुधवार, 17 फ़रवरी 2027जया एकादशी17 फ़रवरी, 2:50 AM → 18 फ़रवरी, 12:02 AM FJTपारण 18 फ़रवरी, 6:01 AM–8:33 AM
गुरुवार, 4 मार्च 2027विजया एकादशी3 मार्च, 11:15 AM → 4 मार्च, 1:55 PM FJTपारण 5 मार्च, 6:06 AM–8:35 AM
गुरुवार, 18 मार्च 2027आमलकी एकादशी18 मार्च, 10:52 AM → 19 मार्च, 8:22 AM FJTपारण 19 मार्च, 1:43 PM–3:52 PM
गौण/वैष्णव 19 मार्च
शनिवार, 3 अप्रैल 2027पापमोचनी एकादशी2 अप्रैल, 7:16 AM → 3 अप्रैल, 9:22 AM FJTपारण 4 अप्रैल, 6:13 AM–8:35 AM
शनिवार, 17 अप्रैल 2027कामदा एकादशी16 अप्रैल, 5:52 PM → 17 अप्रैल, 3:58 PM FJTपारण 18 अप्रैल, 6:16 AM–8:36 AM
रविवार, 2 मई 2027वरूथिनी एकादशी2 मई, 1:24 AM → 3 मई, 2:22 AM FJTपारण 3 मई, 8:25 AM–8:37 AM
रविवार, 16 मई 2027मोहिनी एकादशी16 मई, 12:48 AM → 16 मई, 11:44 PM FJTपारण 17 मई, 6:25 AM–8:40 AM
मंगलवार, 1 जून 2027अपरा एकादशी31 मई, 4:33 PM → 1 जून, 4:10 PM FJTपारण 2 जून, 6:31 AM–8:44 AM
मंगलवार, 15 जून 2027निर्जला एकादशी14 जून, 8:43 AM → 15 जून, 8:38 AM FJTपारण 16 जून, 6:35 AM–8:48 AM
बुधवार, 30 जून 2027योगिनी एकादशी30 जून, 4:35 AM → 1 जुलाई, 3:01 AM FJTपारण 1 जुलाई, 8:27 AM–8:51 AM
बुधवार, 14 जुलाई 2027देवशयनी एकादशी13 जुलाई, 6:39 PM → 14 जुलाई, 7:41 PM FJTपारण 15 जुलाई, 6:38 AM–8:52 AM
शुक्रवार, 30 जुलाई 2027कामिका एकादशी29 जुलाई, 2:05 PM → 30 जुलाई, 11:44 AM FJTपारण 31 जुलाई, 6:34 AM–8:49 AM
शुक्रवार, 13 अगस्त 2027श्रावण पुत्रदा एकादशी12 अगस्त, 7:29 AM → 13 अगस्त, 9:30 AM FJTपारण 14 अगस्त, 6:27 AM–8:45 AM
शनिवार, 28 अगस्त 2027अजा एकादशी27 अगस्त, 9:56 PM → 28 अगस्त, 7:13 PM FJTपारण 29 अगस्त, 6:17 AM–8:37 AM
शनिवार, 11 सितंबर 2027परिवर्तिनी एकादशी10 सितंबर, 11:31 PM → 12 सितंबर, 2:07 AM FJTपारण 12 सितंबर, 1:15 PM–3:38 PM
रविवार, 26 सितंबर 2027इंदिरा एकादशी26 सितंबर, 5:01 AM → 27 सितंबर, 2:20 AM FJTपारण 27 सितंबर, 7:36 AM–8:18 AM
वैष्णव 27 सितंबर
सोमवार, 11 अक्टूबर 2027पापांकुशा एकादशी10 अक्टूबर, 6:11 PM → 11 अक्टूबर, 8:39 PM FJTपारण 12 अक्टूबर, 5:40 AM–8:09 AM
मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027रमा एकादशी25 अक्टूबर, 12:11 PM → 26 अक्टूबर, 9:53 AM FJTपारण 27 अक्टूबर, 5:30 AM–7:34 AM
बुधवार, 10 नवंबर 2027देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी9 नवंबर, 2:05 PM → 10 नवंबर, 3:42 PM FJTपारण 11 नवंबर, 5:23 AM–7:58 AM
बुधवार, 24 नवंबर 2027उत्पन्ना एकादशी23 नवंबर, 8:15 PM → 24 नवंबर, 6:42 PM FJTपारण 25 नवंबर, 5:21 AM–7:58 AM
शुक्रवार, 10 दिसंबर 2027मोक्षदा एकादशी9 दिसंबर, 9:29 AM → 10 दिसंबर, 9:50 AM FJTपारण 11 दिसंबर, 5:23 AM–8:01 AM
शुक्रवार, 24 दिसंबर 2027सफला एकादशी23 दिसंबर, 6:11 AM → 24 दिसंबर, 5:42 AM FJTपारण 25 दिसंबर, 5:29 AM–5:39 AM

नियम

स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले।

एकादशी के बारे में

पद्म-पुराण: एकादशी के दिन अन्न (विशेषतः चावल) में पाप का वास; व्रत से पाप-नाश, विष्णु-लोक, मनोकामना-पूर्ति; निर्जला एकादशी (ज्येष्ठ शुक्ल) अकेली 24 का फल देती है; देवशयनी से देवउठनी तक चातुर्मास की एकादशियाँ विशेष; मोक्षदा (गीता-जयंती), पुत्रदा (संतान), जया-विजया (सफलता), आमलकी (आँवला), पापमोचनी।

व्रत का समय-नियम: उदया-तिथि (सूर्योदय के समय एकादशी) वाला दिन व्रत का; एकादशी दो सूर्योदय छुए (तिथि-वृद्धि) तो स्मार्त पहले दिन, वैष्णव दूसरे दिन; दशमी-विद्धा (सूर्योदय से पहले दशमी का अंश) होने पर वैष्णव अगला दिन लेते हैं — इसीलिए कभी पंचांगों में «स्मार्त/वैष्णव एकादशी» अलग लिखी होती है; ऊपर की तिथियाँ स्मार्त (गृहस्थ) नियम से।

प्रश्नोत्तर

2027 में कितनी एकादशी हैं?

फ़िजी (सुवा) में 25। चंद्र-मास कैलेंडर-वर्ष से नहीं मिलते, इसलिए गिनती एक कम-ज़्यादा हो सकती है।

क्या ये तारीखें भारत जैसी हैं?

सुवा के लिए 25 में से 8 तारीखें भारत से अलग हैं — तिथि स्थानीय क्षण (सूर्योदय/चंद्रोदय/प्रदोष) पर देखी जाती है।

स्मार्त या वैष्णव तिथि?

मुख्य तारीख स्मार्त (गृहस्थ, उदया-तिथि) है। दशमी अरुणोदय को छुए या महाद्वादशी हो तो वैष्णव तिथि एक दिन बाद — सारणी में tag से।

पारण कब?

अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर (द्वादशी का पहला चौथाई) के बाद व द्वादशी-अंत से पहले — हर शहर की खिड़की सारणी में।

स्मार्त और वैष्णव एकादशी में अंतर क्या है?

जब एकादशी दशमी-विद्धा हो (सूर्योदय से ठीक पहले दशमी का अंश) या दो सूर्योदय छुए, वैष्णव (इस्कॉन, श्रीवैष्णव, माध्व) अगला दिन (शुद्ध एकादशी) व्रत रखते हैं, स्मार्त-गृहस्थ पहला दिन; पंचांग में दोनों लिखी होती हैं; अपने संप्रदाय की मानें — ऊपर की सूची स्मार्त है।

क्या स्त्रियाँ हर एकादशी रख सकती हैं? मासिक-धर्म में?

हाँ — बहुत-सी स्त्रियाँ दोनों एकादशी रखती हैं; मासिक-धर्म में पूजा-स्पर्श नहीं पर फलाहार-नियम रखा जा सकता है (परंपरा-भेद); गर्भावस्था-स्तनपान में फलाहार-दूध-फल; निर्जला केवल स्वस्थ व्यक्ति के लिए; व्रत का सार संयम व स्मरण है, कष्ट नहीं।

24 एकादशियों के नाम?

चैत्र: पापमोचनी (कृ), कामदा (शु); वैशाख: वरूथिनी, मोहिनी; ज्येष्ठ: अपरा, निर्जला; आषाढ़: योगिनी, देवशयनी; श्रावण: कामिका, पुत्रदा; भाद्रपद: अजा, परिवर्तिनी; आश्विन: इंदिरा, पापांकुशा; कार्तिक: रमा, देवउठनी; मार्गशीर्ष: उत्पन्ना, मोक्षदा; पौष: सफला, पुत्रदा; माघ: षट्तिला, जया; फाल्गुन: विजया, आमलकी; अधिक मास: परमा (कृ), पद्मिनी (शु) — पूर्णिमांत माह-गणना (अमांत गणना में हर कृष्ण-पक्ष की एकादशी पिछले माह में गिनी जाती है); ऊपर सूची में हर तिथि का नाम है।

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