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फ़िजी में एकादशी 2026 की तारीखें — पारण-समय सहित

फ़िजी में एकादशी 2026: 24 तारीखें · 6 भारत से अलग
सब समय स्थानीय।
शहर-पन्ने: सुवा
तारीखएकादशीतिथि (स्थानीय)पारण / नोट
बुधवार, 14 जनवरी 2026षट्तिला एकादशी13 जनवरी, 9:48 PM → 15 जनवरी, 12:23 AM FJTपारण 15 जनवरी, 6:59 AM–8:19 AM
गुरुवार, 29 जनवरी 2026जया एकादशी28 जनवरी, 11:07 PM → 29 जनवरी, 8:26 PM FJTपारण 30 जनवरी, 5:52 AM–8:27 AM
शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026विजया एकादशी12 फ़रवरी, 6:53 PM → 13 फ़रवरी, 8:56 PM FJTपारण 14 फ़रवरी, 5:59 AM–8:31 AM
शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026आमलकी एकादशी27 फ़रवरी, 7:04 AM → 28 फ़रवरी, 5:03 AM FJTपारण 28 फ़रवरी, 1:34 PM–4:03 PM
वैष्णव 28 फ़रवरी
रविवार, 15 मार्च 2026पापमोचनी एकादशी14 मार्च, 2:41 PM → 15 मार्च, 3:47 PM FJTपारण 16 मार्च, 6:09 AM–8:35 AM
रविवार, 29 मार्च 2026कामदा एकादशी28 मार्च, 3:16 PM → 29 मार्च, 2:17 PM FJTपारण 30 मार्च, 6:12 AM–8:35 AM
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026वरूथिनी एकादशी13 अप्रैल, 7:47 AM → 14 अप्रैल, 7:39 AM FJTपारण 15 अप्रैल, 6:16 AM–6:43 AM
सोमवार, 27 अप्रैल 2026मोहिनी एकादशी27 अप्रैल, 12:37 AM → 28 अप्रैल, 12:46 AM FJTपारण 28 अप्रैल, 6:55 AM–8:37 AM
बुधवार, 13 मई 2026अपरा एकादशी12 मई, 9:23 PM → 13 मई, 8:00 PM FJTपारण 14 मई, 6:24 AM–8:39 AM
बुधवार, 27 मई 2026पद्मिनी एकादशी26 मई, 11:41 AM → 27 मई, 12:52 PM FJTपारण 28 मई, 6:29 AM–8:43 AM
गुरुवार, 11 जून 2026परमा एकादशी11 जून, 7:28 AM → 12 जून, 5:07 AM FJTपारण 12 जून, 1:12 PM–3:25 PM
वैष्णव 12 जून
गुरुवार, 25 जून 2026निर्जला एकादशी25 जून, 12:43 AM → 26 जून, 2:40 AM FJTपारण 26 जून, 1:15 PM–3:28 PM
शनिवार, 11 जुलाई 2026योगिनी एकादशी10 जुलाई, 2:47 PM → 11 जुलाई, 11:53 AM FJTपारण 12 जुलाई, 6:38 AM–8:35 AM
शनिवार, 25 जुलाई 2026देवशयनी एकादशी24 जुलाई, 3:43 PM → 25 जुलाई, 6:05 PM FJTपारण 26 जुलाई, 6:36 AM–8:51 AM
रविवार, 9 अगस्त 2026कामिका एकादशी8 अगस्त, 8:30 PM → 9 अगस्त, 5:36 PM FJTपारण 10 अगस्त, 6:29 AM–8:46 AM
सोमवार, 24 अगस्त 2026श्रावण पुत्रदा एकादशी23 अगस्त, 8:31 AM → 24 अगस्त, 10:49 AM FJTपारण 25 अगस्त, 6:19 AM–8:39 AM
सोमवार, 7 सितंबर 2026अजा एकादशी7 सितंबर, 2:00 AM → 7 सितंबर, 11:35 PM FJTपारण 8 सितंबर, 6:08 AM–8:30 AM
मंगलवार, 22 सितंबर 2026परिवर्तिनी एकादशी22 सितंबर, 2:31 AM → 23 सितंबर, 4:14 AM FJTपारण 23 सितंबर, 1:12 PM–3:37 PM
बुधवार, 7 अक्टूबर 2026इंदिरा एकादशी6 अक्टूबर, 8:38 AM → 7 अक्टूबर, 7:05 AM FJTपारण 8 अक्टूबर, 5:43 AM–5:47 AM
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026पापांकुशा एकादशी21 अक्टूबर, 8:42 PM → 22 अक्टूबर, 9:19 PM FJTपारण 23 अक्टूबर, 5:32 AM–8:03 AM
गुरुवार, 5 नवंबर 2026रमा एकादशी4 नवंबर, 5:34 PM → 5 नवंबर, 5:06 PM FJTपारण 6 नवंबर, 5:25 AM–7:59 AM
शनिवार, 21 नवंबर 2026देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी20 नवंबर, 1:46 PM → 21 नवंबर, 1:02 PM FJTपारण 22 नवंबर, 5:21 AM–7:58 AM
शनिवार, 5 दिसंबर 2026उत्पन्ना एकादशी4 दिसंबर, 5:34 AM → 5 दिसंबर, 6:15 AM FJTपारण 6 दिसंबर, 5:22 AM–7:22 AM
रविवार, 20 दिसंबर 2026मोक्षदा एकादशी20 दिसंबर, 4:40 AM → 21 दिसंबर, 2:45 AM FJTपारण 21 दिसंबर, 8:06 AM–8:06 AM
वैष्णव 21 दिसंबर

नियम

स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले।

एकादशी के बारे में

पद्म-पुराण: एकादशी के दिन अन्न (विशेषतः चावल) में पाप का वास; व्रत से पाप-नाश, विष्णु-लोक, मनोकामना-पूर्ति; निर्जला एकादशी (ज्येष्ठ शुक्ल) अकेली 24 का फल देती है; देवशयनी से देवउठनी तक चातुर्मास की एकादशियाँ विशेष; मोक्षदा (गीता-जयंती), पुत्रदा (संतान), जया-विजया (सफलता), आमलकी (आँवला), पापमोचनी।

व्रत का समय-नियम: उदया-तिथि (सूर्योदय के समय एकादशी) वाला दिन व्रत का; एकादशी दो सूर्योदय छुए (तिथि-वृद्धि) तो स्मार्त पहले दिन, वैष्णव दूसरे दिन; दशमी-विद्धा (सूर्योदय से पहले दशमी का अंश) होने पर वैष्णव अगला दिन लेते हैं — इसीलिए कभी पंचांगों में «स्मार्त/वैष्णव एकादशी» अलग लिखी होती है; ऊपर की तिथियाँ स्मार्त (गृहस्थ) नियम से।

प्रश्नोत्तर

2026 में कितनी एकादशी हैं?

फ़िजी (सुवा) में 24। चंद्र-मास कैलेंडर-वर्ष से नहीं मिलते, इसलिए गिनती एक कम-ज़्यादा हो सकती है।

क्या ये तारीखें भारत जैसी हैं?

सुवा के लिए 24 में से 6 तारीखें भारत से अलग हैं — तिथि स्थानीय क्षण (सूर्योदय/चंद्रोदय/प्रदोष) पर देखी जाती है।

स्मार्त या वैष्णव तिथि?

मुख्य तारीख स्मार्त (गृहस्थ, उदया-तिथि) है। दशमी अरुणोदय को छुए या महाद्वादशी हो तो वैष्णव तिथि एक दिन बाद — सारणी में tag से।

पारण कब?

अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर (द्वादशी का पहला चौथाई) के बाद व द्वादशी-अंत से पहले — हर शहर की खिड़की सारणी में।

स्मार्त और वैष्णव एकादशी में अंतर क्या है?

जब एकादशी दशमी-विद्धा हो (सूर्योदय से ठीक पहले दशमी का अंश) या दो सूर्योदय छुए, वैष्णव (इस्कॉन, श्रीवैष्णव, माध्व) अगला दिन (शुद्ध एकादशी) व्रत रखते हैं, स्मार्त-गृहस्थ पहला दिन; पंचांग में दोनों लिखी होती हैं; अपने संप्रदाय की मानें — ऊपर की सूची स्मार्त है।

क्या स्त्रियाँ हर एकादशी रख सकती हैं? मासिक-धर्म में?

हाँ — बहुत-सी स्त्रियाँ दोनों एकादशी रखती हैं; मासिक-धर्म में पूजा-स्पर्श नहीं पर फलाहार-नियम रखा जा सकता है (परंपरा-भेद); गर्भावस्था-स्तनपान में फलाहार-दूध-फल; निर्जला केवल स्वस्थ व्यक्ति के लिए; व्रत का सार संयम व स्मरण है, कष्ट नहीं।

24 एकादशियों के नाम?

चैत्र: पापमोचनी (कृ), कामदा (शु); वैशाख: वरूथिनी, मोहिनी; ज्येष्ठ: अपरा, निर्जला; आषाढ़: योगिनी, देवशयनी; श्रावण: कामिका, पुत्रदा; भाद्रपद: अजा, परिवर्तिनी; आश्विन: इंदिरा, पापांकुशा; कार्तिक: रमा, देवउठनी; मार्गशीर्ष: उत्पन्ना, मोक्षदा; पौष: सफला, पुत्रदा; माघ: षट्तिला, जया; फाल्गुन: विजया, आमलकी; अधिक मास: परमा (कृ), पद्मिनी (शु) — पूर्णिमांत माह-गणना (अमांत गणना में हर कृष्ण-पक्ष की एकादशी पिछले माह में गिनी जाती है); ऊपर सूची में हर तिथि का नाम है।

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