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जर्मनी में एकादशी 2026 की तारीखें — पारण-समय सहित

जर्मनी में एकादशी 2026: 24 तारीखें · 6 भारत से अलग
सब समय स्थानीय, DST-सहित।
शहर-पन्ने: बर्लिन · फ्रैंकफर्ट · म्यूनिख
तारीखएकादशीतिथि (स्थानीय)पारण / नोट
बुधवार, 14 जनवरी 2026षट्तिला एकादशी13 जनवरी, 10:48 AM → 14 जनवरी, 1:23 PM CETपारण 15 जनवरी, 8:10 AM–9:48 AM
बुधवार, 28 जनवरी 2026जया एकादशी28 जनवरी, 12:07 PM → 29 जनवरी, 9:26 AM CETपारण 29 जनवरी, 2:44 PM–3:00 PM
गौण/वैष्णव 29 जनवरी
शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026विजया एकादशी12 फ़रवरी, 7:53 AM → 13 फ़रवरी, 9:56 AM CETपारण 14 फ़रवरी, 7:25 AM–9:23 AM
शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026आमलकी एकादशी26 फ़रवरी, 8:04 PM → 27 फ़रवरी, 6:03 PM CETपारण 28 फ़रवरी, 6:55 AM–9:05 AM
शनिवार, 14 मार्च 2026पापमोचनी एकादशी14 मार्च, 3:41 AM → 15 मार्च, 4:47 AM CETपारण 15 मार्च, 1:27 PM–3:49 PM
शनिवार, 28 मार्च 2026कामदा एकादशी28 मार्च, 4:16 AM → 29 मार्च, 4:17 AM CETपारण 29 मार्च, 2:28 PM–5:02 PM
वैष्णव 29 मार्च
सोमवार, 13 अप्रैल 2026वरूथिनी एकादशी12 अप्रैल, 9:47 PM → 13 अप्रैल, 9:39 PM CESTपारण 14 अप्रैल, 6:11 AM–8:57 AM
सोमवार, 27 अप्रैल 2026मोहिनी एकादशी26 अप्रैल, 2:37 PM → 27 अप्रैल, 2:46 PM CESTपारण 28 अप्रैल, 5:41 AM–8:38 AM
बुधवार, 13 मई 2026अपरा एकादशी12 मई, 11:23 AM → 13 मई, 10:00 AM CESTपारण 14 मई, 5:12 AM–7:51 AM
मंगलवार, 26 मई 2026पद्मिनी एकादशी26 मई, 1:41 AM → 27 मई, 2:52 AM CESTपारण 27 मई, 2:42 PM–5:57 PM
गुरुवार, 11 जून 2026परमा एकादशी10 जून, 9:28 PM → 11 जून, 7:07 PM CESTपारण 12 जून, 4:44 AM–8:05 AM
गुरुवार, 25 जून 2026निर्जला एकादशी24 जून, 2:43 PM → 25 जून, 4:40 PM CESTपारण 26 जून, 4:45 AM–8:07 AM
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026योगिनी एकादशी10 जुलाई, 4:47 AM → 11 जुलाई, 1:53 AM CESTपारण 11 जुलाई, 7:04 AM–8:15 AM
वैष्णव 11 जुलाई
शनिवार, 25 जुलाई 2026देवशयनी एकादशी24 जुलाई, 5:43 AM → 25 जुलाई, 8:05 AM CESTपारण 26 जुलाई, 5:17 AM–8:27 AM
शनिवार, 8 अगस्त 2026कामिका एकादशी8 अगस्त, 10:30 AM → 9 अगस्त, 7:36 AM CESTपारण 9 अगस्त, 2:42 PM–5:43 PM
गौण/वैष्णव 9 अगस्त
रविवार, 23 अगस्त 2026श्रावण पुत्रदा एकादशी22 अगस्त, 10:31 PM → 24 अगस्त, 12:49 AM CESTपारण 24 अगस्त, 7:20 AM–8:54 AM
सोमवार, 7 सितंबर 2026अजा एकादशी6 सितंबर, 4:00 PM → 7 सितंबर, 1:35 PM CESTपारण 8 सितंबर, 6:29 AM–9:07 AM
मंगलवार, 22 सितंबर 2026परिवर्तिनी एकादशी21 सितंबर, 4:31 PM → 22 सितंबर, 6:14 PM CESTपारण 23 सितंबर, 6:54 AM–9:20 AM
मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026इंदिरा एकादशी5 अक्टूबर, 10:38 PM → 6 अक्टूबर, 9:05 PM CESTपारण 7 अक्टूबर, 7:18 AM–9:32 AM
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026पापांकुशा एकादशी21 अक्टूबर, 10:42 AM → 22 अक्टूबर, 11:19 AM CESTपारण 23 अक्टूबर, 7:46 AM–9:48 AM
बुधवार, 4 नवंबर 2026रमा एकादशी4 नवंबर, 6:34 AM → 5 नवंबर, 6:06 AM CETपारण 5 नवंबर, 12:45 PM–2:37 PM
वैष्णव 5 नवंबर
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी20 नवंबर, 2:46 AM → 21 नवंबर, 2:02 AM CETपारण 21 नवंबर, 7:39 AM–9:20 AM
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026उत्पन्ना एकादशी3 दिसंबर, 6:34 PM → 4 दिसंबर, 7:15 PM CETपारण 5 दिसंबर, 8:00 AM–9:35 AM
रविवार, 20 दिसंबर 2026मोक्षदा एकादशी19 दिसंबर, 5:40 PM → 20 दिसंबर, 3:45 PM CETपारण 21 दिसंबर, 8:15 AM–9:47 AM

नियम

स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले।

एकादशी के बारे में

पद्म-पुराण: एकादशी के दिन अन्न (विशेषतः चावल) में पाप का वास; व्रत से पाप-नाश, विष्णु-लोक, मनोकामना-पूर्ति; निर्जला एकादशी (ज्येष्ठ शुक्ल) अकेली 24 का फल देती है; देवशयनी से देवउठनी तक चातुर्मास की एकादशियाँ विशेष; मोक्षदा (गीता-जयंती), पुत्रदा (संतान), जया-विजया (सफलता), आमलकी (आँवला), पापमोचनी।

व्रत का समय-नियम: उदया-तिथि (सूर्योदय के समय एकादशी) वाला दिन व्रत का; एकादशी दो सूर्योदय छुए (तिथि-वृद्धि) तो स्मार्त पहले दिन, वैष्णव दूसरे दिन; दशमी-विद्धा (सूर्योदय से पहले दशमी का अंश) होने पर वैष्णव अगला दिन लेते हैं — इसीलिए कभी पंचांगों में «स्मार्त/वैष्णव एकादशी» अलग लिखी होती है; ऊपर की तिथियाँ स्मार्त (गृहस्थ) नियम से।

प्रश्नोत्तर

2026 में कितनी एकादशी हैं?

जर्मनी (बर्लिन) में 24। चंद्र-मास कैलेंडर-वर्ष से नहीं मिलते, इसलिए गिनती एक कम-ज़्यादा हो सकती है।

क्या ये तारीखें भारत जैसी हैं?

बर्लिन के लिए 24 में से 6 तारीखें भारत से अलग हैं — तिथि स्थानीय क्षण (सूर्योदय/चंद्रोदय/प्रदोष) पर देखी जाती है।

स्मार्त या वैष्णव तिथि?

मुख्य तारीख स्मार्त (गृहस्थ, उदया-तिथि) है। दशमी अरुणोदय को छुए या महाद्वादशी हो तो वैष्णव तिथि एक दिन बाद — सारणी में tag से।

पारण कब?

अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर (द्वादशी का पहला चौथाई) के बाद व द्वादशी-अंत से पहले — हर शहर की खिड़की सारणी में।

स्मार्त और वैष्णव एकादशी में अंतर क्या है?

जब एकादशी दशमी-विद्धा हो (सूर्योदय से ठीक पहले दशमी का अंश) या दो सूर्योदय छुए, वैष्णव (इस्कॉन, श्रीवैष्णव, माध्व) अगला दिन (शुद्ध एकादशी) व्रत रखते हैं, स्मार्त-गृहस्थ पहला दिन; पंचांग में दोनों लिखी होती हैं; अपने संप्रदाय की मानें — ऊपर की सूची स्मार्त है।

क्या स्त्रियाँ हर एकादशी रख सकती हैं? मासिक-धर्म में?

हाँ — बहुत-सी स्त्रियाँ दोनों एकादशी रखती हैं; मासिक-धर्म में पूजा-स्पर्श नहीं पर फलाहार-नियम रखा जा सकता है (परंपरा-भेद); गर्भावस्था-स्तनपान में फलाहार-दूध-फल; निर्जला केवल स्वस्थ व्यक्ति के लिए; व्रत का सार संयम व स्मरण है, कष्ट नहीं।

24 एकादशियों के नाम?

चैत्र: पापमोचनी (कृ), कामदा (शु); वैशाख: वरूथिनी, मोहिनी; ज्येष्ठ: अपरा, निर्जला; आषाढ़: योगिनी, देवशयनी; श्रावण: कामिका, पुत्रदा; भाद्रपद: अजा, परिवर्तिनी; आश्विन: इंदिरा, पापांकुशा; कार्तिक: रमा, देवउठनी; मार्गशीर्ष: उत्पन्ना, मोक्षदा; पौष: सफला, पुत्रदा; माघ: षट्तिला, जया; फाल्गुन: विजया, आमलकी; अधिक मास: परमा (कृ), पद्मिनी (शु) — पूर्णिमांत माह-गणना (अमांत गणना में हर कृष्ण-पक्ष की एकादशी पिछले माह में गिनी जाती है); ऊपर सूची में हर तिथि का नाम है।

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