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फ़िजी में प्रदोष व्रत 2026 की तारीखें — प्रदोष-काल सहित

फ़िजी में प्रदोष व्रत 2026: 25 तारीखें · 7 भारत से अलग
सब समय स्थानीय।
शहर-पन्ने: सुवा
तारीखप्रदोष व्रतपूजा-समय
गुरुवार, 1 जनवरी 2026गुरु प्रदोष (पौष शुक्ल)प्रदोष काल 6:45 PM – 8:55 PM
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026शुक्र प्रदोष (माघ कृष्ण)प्रदोष काल 6:48 PM – 8:59 PM
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026शुक्र प्रदोष (माघ शुक्ल)प्रदोष काल 6:47 PM – 9:00 PM
रविवार, 15 फ़रवरी 2026रवि प्रदोष (फाल्गुन कृष्ण)प्रदोष काल 6:41 PM – 8:57 PM
रविवार, 1 मार्च 2026रवि प्रदोष (फाल्गुन शुक्ल)प्रदोष काल 6:32 PM – 8:51 PM
सोमवार, 16 मार्च 2026सोम प्रदोष (चैत्र कृष्ण)प्रदोष काल 6:21 PM – 8:43 PM
सोमवार, 30 मार्च 2026सोम प्रदोष (चैत्र शुक्ल)प्रदोष काल 6:09 PM – 8:34 PM
बुधवार, 15 अप्रैल 2026बुध प्रदोष (वैशाख कृष्ण)प्रदोष काल 5:57 PM – 8:25 PM
बुधवार, 29 अप्रैल 2026बुध प्रदोष (वैशाख शुक्ल)प्रदोष काल 5:48 PM – 8:18 PM
गुरुवार, 14 मई 2026गुरु प्रदोष (ज्येष्ठ कृष्ण)प्रदोष काल 5:51 PM – 8:14 PM
गुरुवार, 28 मई 2026गुरु प्रदोष (ज्येष्ठ शुक्ल)प्रदोष काल 5:38 PM – 8:12 PM
शनिवार, 13 जून 2026शनि प्रदोष (आषाढ़ कृष्ण)प्रदोष काल 5:38 PM – 8:13 PM
शनिवार, 27 जून 2026शनि प्रदोष (ज्येष्ठ शुक्ल)प्रदोष काल 5:41 PM – 8:16 PM
रविवार, 12 जुलाई 2026रवि प्रदोष (आषाढ़ कृष्ण)प्रदोष काल 5:45 PM – 8:20 PM
सोमवार, 27 जुलाई 2026सोम प्रदोष (आषाढ़ शुक्ल)प्रदोष काल 5:50 PM – 8:23 PM
सोमवार, 10 अगस्त 2026सोम प्रदोष (श्रावण कृष्ण)प्रदोष काल 5:54 PM – 8:25 PM
मंगलवार, 25 अगस्त 2026भौम प्रदोष (श्रावण शुक्ल)प्रदोष काल 5:58 PM – 8:26 PM
बुधवार, 9 सितंबर 2026बुध प्रदोष (भाद्रपद कृष्ण)प्रदोष काल 6:00 PM – 7:01 PM
गुरुवार, 24 सितंबर 2026गुरु प्रदोष (भाद्रपद शुक्ल)प्रदोष काल 6:02 PM – 8:24 PM
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026गुरु प्रदोष (आश्विन कृष्ण)प्रदोष काल 6:05 PM – 8:24 PM
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026शनि प्रदोष (आश्विन शुक्ल)प्रदोष काल 6:10 PM – 8:07 PM
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026शुक्र प्रदोष (कार्तिक कृष्ण)प्रदोष काल 6:15 PM – 8:29 PM
रविवार, 22 नवंबर 2026रवि प्रदोष (कार्तिक शुक्ल)प्रदोष काल 6:24 PM – 8:35 PM
रविवार, 6 दिसंबर 2026रवि प्रदोष (मार्गशीर्ष कृष्ण)प्रदोष काल 6:32 PM – 8:42 PM
मंगलवार, 22 दिसंबर 2026भौम प्रदोष (मार्गशीर्ष शुक्ल)प्रदोष काल 6:41 PM – 8:50 PM

नियम

प्रदोष-काल (सूर्यास्त से रात्रि के पाँचवें भाग तक) में त्रयोदशी; दो संध्याओं में हो तो अधिक देर वाली।

प्रदोष व्रत के बारे में

प्रदोष-काल का महत्त्व: समुद्र-मंथन में विष पीकर शिव त्रयोदशी के प्रदोष में स्वस्थ हुए/देवताओं ने इसी काल में शिव की स्तुति की (स्कंद-पुराण); त्रयोदशी में प्रदोष-व्यापिनी तिथि का दिन व्रत का — यदि त्रयोदशी शाम को शुरू हो तो वही दिन, सुबह से हो पर सूर्यास्त से पहले ख़त्म तो पिछला दिन; ऊपर की तिथियाँ प्रदोष-नियम से।

वार-भेद: रवि प्रदोष — आयु-आरोग्य; सोम — इच्छा-पूर्ति, मन-शांति; भौम — ऋण-रोग-मुक्ति, मंगल-दोष; बुध — विद्या-बुद्धि; गुरु — शत्रु-नाश, पितृ-कृपा; शुक्र — सौभाग्य-धन; शनि प्रदोष — संतान-प्राप्ति, शनि-साढ़ेसाती-शांति (सबसे प्रसिद्ध — शनिवार का प्रदोष)।

प्रश्नोत्तर

2026 में कितनी प्रदोष व्रत हैं?

फ़िजी (सुवा) में 25। चंद्र-मास कैलेंडर-वर्ष से नहीं मिलते, इसलिए गिनती एक कम-ज़्यादा हो सकती है।

क्या ये तारीखें भारत जैसी हैं?

सुवा के लिए 25 में से 7 तारीखें भारत से अलग हैं — तिथि स्थानीय क्षण (सूर्योदय/चंद्रोदय/प्रदोष) पर देखी जाती है।

सोम, भौम और शनि प्रदोष में क्या अंतर?

वार से फल: सोम (सोमवार) — मनोकामना व चंद्र-शांति; भौम (मंगलवार) — ऋण-रोग-मुक्ति, मंगल-दोष; शनि (शनिवार) — संतान, शनि-साढ़ेसाती-शांति; रवि — आयु; बुध — विद्या; गुरु — शत्रु-नाश; शुक्र — धन-सौभाग्य; विधि वही, दान वार-अनुसार; ऊपर सूची में हर तिथि का वार-नाम।

त्रयोदशी दो दिन हो तो प्रदोष किस दिन?

जिस दिन प्रदोष-काल (सूर्यास्त के बाद) में त्रयोदशी तिथि हो — प्रदोष-व्यापिनी; दोनों दिन हो तो पहला दिन; न किसी दिन हो (त्रयोदशी दोपहर में ख़त्म) तो जिस दिन अधिक — ऊपर सूची इसी नियम से बनी है।

क्या स्त्रियाँ प्रदोष रख सकती हैं? किस कामना से?

हाँ — सुहाग-रक्षा, संतान (शनि प्रदोष 11 बार), पति-स्वास्थ्य, मन-शांति (सोम प्रदोष); पार्वती-पूजन विशेष; मासिक-धर्म में पूजा नहीं, स्मरण-जप; गर्भवती फलाहार; कन्याएँ मनचाहे वर हेतु सोम प्रदोष व सावन-सोमवार।

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