Nakshtra Takकुंडलीराशिफलपंचांगमिलानज्ञानग्रह-फलज्योतिषीStore

कैलगरी में धनतेरस 2027 — तारीख, पूजा-मुहूर्त

कैलगरी में धनतेरस 2027: मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027
🪔 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल + वृषभ लग्न): 7:04 PM – 8:42 PM MDT
भारत से अलग: भारत — बुधवार, 27 अक्टूबर 2027; कैलगरी — मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027। निर्णायक क्षण (सूर्यास्त के बाद प्रदोष) कैलगरी में दूसरे दिन पड़ता है।

धनतेरस के समय — कैलगरी

धनतेरस पूजा-मुहूर्त7:04 PM – 8:42 PM
प्रदोष काल6:21 PM – 9:09 PM
वृषभ (स्थिर) लग्न7:04 PM – 8:42 PM
निशीथ काल (अर्धरात्रि)12:53 AM, 27 अक्टूबर – 1:48 AM, 27 अक्टूबर
त्रयोदशी तिथि26 अक्टूबर, 1:34 PM → 27 अक्टूबर, 11:20 AM
सूर्यास्त6:21 PM
रात के शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ)लाभ 8:06 PM – 9:51 PM · शुभ 11:36 PM – 1:21 AM, 27 अक्टूबर · अमृत 1:21 AM, 27 अक्टूबर – 3:05 AM, 27 अक्टूबर
यम-दीपदानउसी शाम, प्रदोष में

सब समय कैलगरी के स्थानीय समय (MDT) में, DST-सहित।

विज्ञापन

कनाडा के दूसरे शहरों में धनतेरस 2027

शहरतारीखपूजा-मुहूर्त
टोरंटो26 अक्टूबर7:09 PM – 8:55 PM
ब्रैम्पटन26 अक्टूबर7:11 PM – 8:56 PM
वैंकूवर26 अक्टूबर6:46 PM – 8:27 PM
कैलगरी26 अक्टूबर7:04 PM – 8:42 PM
एडमंटन26 अक्टूबर6:51 PM – 8:26 PM
मॉन्ट्रियल26 अक्टूबर6:41 PM – 8:25 PM

पूजा-विधि (संक्षेप)

  1. सुबह घर की सफ़ाई; मुख्य द्वार पर रंगोली, तोरण, स्वस्तिक और दोनों ओर लक्ष्मी-पद (पैरों के निशान) बनाएँ — दहलीज़ से पूजा-स्थान की ओर।
  2. दिन में ख़रीदारी — धातु का बर्तन (पीतल/ताँबा/चाँदी; ख़ाली नहीं लाते, उसमें चावल/शक्कर/जल भरकर घर लाएँ), सोना-चाँदी का सिक्का, नई झाड़ू, धनिया के बीज, दीये।
  3. शाम को पूजा-स्थान पर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश, कुबेर और भगवान धन्वंतरि का चित्र/मूर्ति रखें; ख़रीदा हुआ बर्तन-सिक्का सामने रखें, उस पर रोली-अक्षत।
  4. प्रदोष-काल (ऊपर समय) में पूजा: कलश-स्थापना, दीप-धूप, फूल, रोली-अक्षत, खील-बताशे, मिठाई, धनिया; «ॐ धन्वंतरये नमः», «ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कुबेराय नमः» व लक्ष्मी-मंत्र का जप; धन्वंतरि से आरोग्य और कुबेर-लक्ष्मी से धन की प्रार्थना।
  5. तिजोरी/बही-खाते/गल्ले की पूजा — रोली से स्वस्तिक, अक्षत, फूल; व्यापारी नई बही इसी दिन या दीवाली को शुरू करते हैं।
  6. यम-दीपदान: सूर्यास्त के बाद आटे या मिट्टी के चौमुखी दीपक में सरसों का तेल, चार बत्तियाँ; घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखें, अनाज (गेहूँ) की ढेरी पर; परिवार की स्त्री हाथ जोड़कर प्रार्थना करे — «मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह, त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम»। रात-भर जलने दें।
  7. घर के हर कोने, तुलसी-चौरा, रसोई, जल-स्थान और द्वार पर 13 (या 5-7) दीये जलाएँ — दीपोत्सव यहीं से शुरू होता है।
  8. आरती के बाद प्रसाद बाँटें; ख़रीदा बर्तन पहली बार दीवाली की पूजा में या अगले दिन रसोई में उपयोग करें।

और देखें

प्रश्नोत्तर

कैलगरी में धनतेरस 2027 कब है?

मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027। धनतेरस पूजा-मुहूर्त: 7:04 PM – 8:42 PM; प्रदोष काल: 6:21 PM – 9:09 PM

क्या कैलगरी में धनतेरस की तारीख भारत जैसी है?

नहीं — भारत: बुधवार, 27 अक्टूबर 2027; कैलगरी: मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

कैलगरी का स्थानीय समय (MDT), DST-सहित।

🧙 कनाडा से भारतीय ज्योतिषी से बात करें — चैट, कॉल या वीडियो; email से login, अंतरराष्ट्रीय कॉल-शुल्क नहीं। ज्योतिषी देखें →