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मॉन्ट्रियल में दिवाली 2027 — तारीख, पूजा-मुहूर्त

मॉन्ट्रियल में दिवाली 2027: गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027
🪔 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल + वृषभ लग्न): 6:33 PM – 8:17 PM EDT
भारत से अलग: भारत — शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027; मॉन्ट्रियल — गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027। निर्णायक क्षण (सूर्यास्त के बाद प्रदोष) मॉन्ट्रियल में दूसरे दिन पड़ता है।

दिवाली के समय — मॉन्ट्रियल

लक्ष्मी-पूजा मुहूर्त6:33 PM – 8:17 PM
प्रदोष काल5:47 PM – 8:31 PM
वृषभ (स्थिर) लग्न6:33 PM – 8:17 PM
निशीथ काल (अर्धरात्रि)12:11 AM, 29 अक्टूबर – 1:05 AM, 29 अक्टूबर
अमावस्या तिथि28 अक्टूबर, 11:19 AM → 29 अक्टूबर, 9:39 AM
सूर्यास्त5:47 PM
रात के शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ)अमृत 5:47 PM – 7:30 PM · लाभ 12:38 AM, 29 अक्टूबर – 2:21 AM, 29 अक्टूबर · शुभ 4:04 AM, 29 अक्टूबर – 5:46 AM, 29 अक्टूबर · अमृत 5:46 AM, 29 अक्टूबर – 7:29 AM, 29 अक्टूबर

सब समय मॉन्ट्रियल के स्थानीय समय (EDT) में, DST-सहित।

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मॉन्ट्रियल में जुड़े दिन

नरक चतुर्दशी / अभ्यंग स्नान (छोटी दिवाली)गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027
भाई दूजशनिवार, 30 अक्टूबर 2027

कनाडा के दूसरे शहरों में दिवाली 2027

शहरतारीखपूजा-मुहूर्त
टोरंटो28 अक्टूबर7:01 PM – 8:47 PM
ब्रैम्पटन28 अक्टूबर7:03 PM – 8:49 PM
वैंकूवर28 अक्टूबर6:38 PM – 8:19 PM
कैलगरी28 अक्टूबर6:56 PM – 8:34 PM
एडमंटन28 अक्टूबर6:43 PM – 8:18 PM
मॉन्ट्रियल28 अक्टूबर6:33 PM – 8:17 PM

पूजा-विधि (संक्षेप)

  1. सुबह स्नान; घर की अंतिम सफ़ाई; मुख्य द्वार पर रंगोली, तोरण (आम/अशोक के पत्ते-गेंदा), दोनों ओर लक्ष्मी-पद (दहलीज़ से भीतर की ओर), स्वस्तिक व शुभ-लाभ।
  2. शाम को पूजा-स्थान: उत्तर-पूर्व (ईशान) या पूर्व दिशा में चौकी पर लाल/पीला कपड़ा; बीच में लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्ति (गणेश लक्ष्मी के दाएँ), साथ में कुबेर, सरस्वती का चित्र, कलश (जल-सुपारी-सिक्का-आम के पत्ते-नारियल), चाँदी/ताँबे का सिक्का, बही-खाता, तिजोरी की चाबी।
  3. प्रदोष-काल (ऊपर समय) में परिवार सहित बैठें; हाथ में जल-अक्षत-फूल लेकर संकल्प — «मैं परिवार की सुख-समृद्धि हेतु लक्ष्मी-गणेश का पूजन करती/करता हूँ।»
  4. पहले गणेश-पूजन (दूर्वा, मोदक/लड्डू, सिंदूर), फिर कलश-पूजन, फिर लक्ष्मी-पूजन — स्नान (जल-पंचामृत), वस्त्र, कमल/गुलाब-पुष्प, इत्र, रोली-अक्षत, खील-बताशे, मिठाई, फल, पान-सुपारी, लौंग-इलायची; «ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः» का जप या श्रीसूक्त/लक्ष्मी-चालीसा का पाठ।
  5. कुबेर-सरस्वती-बही-खाता और तिजोरी का पूजन; नए सिक्के-गहने पूजा में रखें। घर के औज़ार/वाहन पर भी रोली-अक्षत।
  6. आरती — «ॐ जय लक्ष्मी माता», फिर «जय गणेश देवा»; कपूर-आरती; परिवार के सब सदस्य पैर छूएँ, बड़े छोटों को आशीर्वाद और शगुन दें।
  7. दीपदान: पूजा के दीये से घर के सब दीये जलाएँ — द्वार पर सबसे पहले, फिर तुलसी, रसोई, जल-स्थान, छत, हर कमरा, बाहर की गली/नाली तक; एक बड़ा दीपक (या अखंड) रात-भर पूजा-स्थान पर। कुल दीयों की संख्या 11, 21, 51 या घर की रीत से।
  8. अहोई/करवा चौथ का करवा हो तो उसका जल घर में छिड़कें और अहोई माता का चित्र पोंछें। प्रसाद बाँटें, पड़ोसियों-सफ़ाईकर्मियों-काम करने वालों को मिठाई-शगुन दें।

और देखें

प्रश्नोत्तर

मॉन्ट्रियल में दिवाली 2027 कब है?

गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027। लक्ष्मी-पूजा मुहूर्त: 6:33 PM – 8:17 PM; प्रदोष काल: 5:47 PM – 8:31 PM

क्या मॉन्ट्रियल में दिवाली की तारीख भारत जैसी है?

नहीं — भारत: शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027; मॉन्ट्रियल: गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

मॉन्ट्रियल का स्थानीय समय (EDT), DST-सहित।

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