सब समय मॉन्ट्रियल के स्थानीय समय (EDT) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।
| तिथि | एकादशी — 9:04 AM → द्वादशी |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| नक्षत्र | धनिष्ठा — 11:39 PM → शतभिषा |
| योग | धृति — 12:16 PM |
| करण | विष्टि — 9:04 AM · बव |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 6:55 AM / 6:30 PM |
| चंद्रोदय / चंद्रास्त | 5:09 PM / — |
| चंद्र मास | आश्विन (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत) |
| चंद्र राशि | मकर — 11:58 AM |
| सूर्य राशि | कन्या |
| विक्रम संवत / शक | 2082 / 1947 |
| ऋतु / अयन | शरद · दक्षिणायन |
| दिनमान / रात्रिमान | 11 घंटे 35 मिनट / 12 घंटे 27 मिनट |
| दिशा शूल | पश्चिम |
| ब्रह्म मुहूर्त | 5:16 AM – 6:05 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:19 PM – 1:06 PM |
| अमृत काल | 1:26 PM – 3:01 PM |
| विजय मुहूर्त | 2:38 PM – 3:25 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 6:30 PM – 6:55 PM |
| निशीथ मुहूर्त | 12:19 AM, 4 अक्टूबर – 1:08 AM, 4 अक्टूबर |
| प्रातः सन्ध्या | 5:41 AM – 6:55 AM |
| सायाह्न सन्ध्या | 6:30 PM – 7:45 PM |
| राहुकाल | 11:16 AM – 12:43 PM |
| यमगंड | 3:36 PM – 5:03 PM |
| गुलिक काल | 8:22 AM – 9:49 AM |
| दुर्मुहूर्त | 9:14 AM – 10:00 AM, 1:06 PM – 1:52 PM |
| वर्ज्य | 6:31 AM, 4 अक्टूबर – 8:02 AM, 4 अक्टूबर |
| भद्रा | 6:55 AM – 9:04 AM |
| पंचक | 11:58 AM – 6:57 AM, 4 अक्टूबर |
| बाण | रोग बाण 12:43 AM, 4 अक्टूबर – पूरी रात |
| नक्षत्र-पद | धनिष्ठा-2 — 11:58 AM · धनिष्ठा-3 — 5:50 PM · धनिष्ठा-4 — 11:39 PM · शतभिषा-1 — 5:26 AM, 4 अक्टूबर · शतभिषा-2 — 11:10 AM, 4 अक्टूबर |
| अगला योग | शूल — 9:56 AM, 4 अक्टूबर |
| सूर्य-नक्षत्र | हस्त (पद 2) |
| मध्याह्न | 12:43 PM |
| आनन्दादि योग | प्रजापति — 11:39 PM फिर सौम्य |
| तमिल योग | सिद्ध |
| होमाहुति | शनि |
| चन्द्र वास | दक्षिण — 11:58 AM फिर पश्चिम |
| राहु वास | दक्षिण-पूर्व |
| कुम्भ चक्र | पश्चिम |
| जीवनम् / नेत्रम् | पूर्ण जीवन · दो नेत्र |
| भद्रा-वास | पाताल (6:55 AM – 9:04 AM) |
| चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ) | मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन |
| चन्द्राष्टम | मिथुन |
| ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ) | भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, पू.भाद्रपद, रेवती (— 11:39 PM) |
| ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक) | शरद · दक्षिणायन |
| गुजराती संवत / कलियुग | 2081 नल / 5126 |
| प्रविष्टे / गते | 18 |
| राष्ट्रीय शक तिथि | आश्विन 11, शक 1947 |
| पंचक-रहित मुहूर्त | ⛔ मृत्यु पंचक: 6:55 AM – 8:13 AM ⛔ अग्नि पंचक: 8:13 AM – 9:04 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 9:04 AM – 10:53 AM ⛔ राज पंचक: 10:53 AM – 1:22 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 1:22 PM – 3:21 PM ⛔ चोर पंचक: 3:21 PM – 4:45 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 4:45 PM – 5:51 PM ⛔ रोग पंचक: 5:51 PM – 6:54 PM ⛔ चोर पंचक: 6:54 PM – 8:09 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 8:09 PM – 9:53 PM ⛔ रोग पंचक: 9:53 PM – 11:39 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 11:39 PM – 12:13 AM, 4 अक्टूबर ⛔ मृत्यु पंचक: 12:13 AM, 4 अक्टूबर – 2:51 AM, 4 अक्टूबर ⛔ अग्नि पंचक: 2:51 AM, 4 अक्टूबर – 5:30 AM, 4 अक्टूबर ✅ शुभ मुहूर्त: 5:30 AM, 4 अक्टूबर – 6:57 AM, 4 अक्टूबर |
| उदय-लग्न | कन्या: 6:55 AM – 8:13 AM तुला: 8:13 AM – 10:53 AM वृश्चिक: 10:53 AM – 1:22 PM धनु: 1:22 PM – 3:21 PM मकर: 3:21 PM – 4:45 PM कुंभ: 4:45 PM – 5:51 PM मीन: 5:51 PM – 6:54 PM मेष: 6:54 PM – 8:09 PM वृष: 8:09 PM – 9:53 PM मिथुन: 9:53 PM – 12:13 AM, 4 अक्टूबर कर्क: 12:13 AM, 4 अक्टूबर – 2:51 AM, 4 अक्टूबर सिंह: 2:51 AM, 4 अक्टूबर – 5:30 AM, 4 अक्टूबर कन्या: 5:30 AM, 4 अक्टूबर – 6:57 AM, 4 अक्टूबर |
तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। मॉन्ट्रियल का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।
मॉन्ट्रियल का स्थानीय समय (EDT), DST अपने-आप लागू।
मॉन्ट्रियल के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।
🙏 गुरुजी (आचार्य आदित्य धर द्विवेदी) से सीधी बात