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फ़िजी में धनतेरस 2027: बुधवार, 27 अक्टूबर — शहर-वार पूजा-समय

फ़िजी में धनतेरस 2027: बुधवार, 27 अक्टूबर 2027 (सुवा)
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल + वृषभ लग्न): 7:38 PM – 8:27 PM FJT
भारत के दिन ही। 2027 में धनतेरस भारत और सुवा में बुधवार, 27 अक्टूबर 2027 को है।

धनतेरस 2027 — सुवा

शहरतारीखलक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल + वृषभ लग्न)तिथि (स्थानीय)
सुवा
Fiji Time (FJT)
बुधवार, 27 अक्टूबर 20277:38 PM – 8:27 PM FJT27 अक्टूबर, 7:34 AM → 28 अक्टूबर, 5:20 AM FJT

समय स्थानीय। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।

धनतेरस की तारीख कैसे तय होती है

जिस दिन स्थानीय सूर्यास्त के बाद के प्रदोष-काल में अमावस्या तिथि हो; लक्ष्मी-पूजा प्रदोष-काल में स्थिर वृषभ लग्न में।

महत्व

धन + तेरस = त्रयोदशी को धन की पूजा। मान्यता है कि इस दिन ख़रीदी धातु/वस्तु तेरह गुना बढ़ती है — इसलिए बर्तन (विशेषकर पीतल-ताँबा-चाँदी), सोना और नया सामान लेने का चलन है। झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक मानकर ख़रीदा जाता है और धनिया के बीज दीवाली के बाद बोए जाते हैं।

यम-दीपदान: कथा के अनुसार इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा में यमराज के लिए दीपक जलाने से परिवार पर अकाल-मृत्यु का संकट टलता है — यह इस दिन की सबसे ज़रूरी घरेलू रीत है, जो ख़रीदारी की चमक में अक्सर छूट जाती है।

पूजा-विधि (संक्षेप)

  1. सुबह घर की सफ़ाई; मुख्य द्वार पर रंगोली, तोरण, स्वस्तिक और दोनों ओर लक्ष्मी-पद (पैरों के निशान) बनाएँ — दहलीज़ से पूजा-स्थान की ओर।
  2. दिन में ख़रीदारी — धातु का बर्तन (पीतल/ताँबा/चाँदी; ख़ाली नहीं लाते, उसमें चावल/शक्कर/जल भरकर घर लाएँ), सोना-चाँदी का सिक्का, नई झाड़ू, धनिया के बीज, दीये।
  3. शाम को पूजा-स्थान पर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश, कुबेर और भगवान धन्वंतरि का चित्र/मूर्ति रखें; ख़रीदा हुआ बर्तन-सिक्का सामने रखें, उस पर रोली-अक्षत।
  4. प्रदोष-काल (ऊपर समय) में पूजा: कलश-स्थापना, दीप-धूप, फूल, रोली-अक्षत, खील-बताशे, मिठाई, धनिया; «ॐ धन्वंतरये नमः», «ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कुबेराय नमः» व लक्ष्मी-मंत्र का जप; धन्वंतरि से आरोग्य और कुबेर-लक्ष्मी से धन की प्रार्थना।
  5. तिजोरी/बही-खाते/गल्ले की पूजा — रोली से स्वस्तिक, अक्षत, फूल; व्यापारी नई बही इसी दिन या दीवाली को शुरू करते हैं।
  6. यम-दीपदान: सूर्यास्त के बाद आटे या मिट्टी के चौमुखी दीपक में सरसों का तेल, चार बत्तियाँ; घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखें, अनाज (गेहूँ) की ढेरी पर; परिवार की स्त्री हाथ जोड़कर प्रार्थना करे — «मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह, त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम»। रात-भर जलने दें।
  7. घर के हर कोने, तुलसी-चौरा, रसोई, जल-स्थान और द्वार पर 13 (या 5-7) दीये जलाएँ — दीपोत्सव यहीं से शुरू होता है।
  8. आरती के बाद प्रसाद बाँटें; ख़रीदा बर्तन पहली बार दीवाली की पूजा में या अगले दिन रसोई में उपयोग करें।

प्रश्नोत्तर

क्या धनतेरस 2027 फ़िजी और भारत में एक ही दिन है?

हाँ — बुधवार, 27 अक्टूबर 2027।

सुवा में धनतेरस 2027 का पूजा-समय?

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल + वृषभ लग्न): 7:38 PM से 8:27 PM (FJT)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में (सुवा के लिए Fiji Time (FJT))।

धनतेरस पर क्या ख़रीदें?

धातु का बर्तन (पीतल-ताँबा-चाँदी), सोना-चाँदी का सिक्का/गहना, नई झाड़ू, धनिया, दीये, रसोई का नया बर्तन। ख़रीद श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार — एक छोटा बर्तन या झाड़ू भी पर्याप्त है।

क्या धनतेरस पर व्रत रखते हैं?

अनिवार्य नहीं; कई स्त्रियाँ त्रयोदशी का प्रदोष-व्रत रखती हैं — दिन में फल, प्रदोष-पूजा के बाद भोजन। धन्वंतरि-पूजा और यम-दीपक बिना व्रत के भी पूर्ण मान्य हैं।

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