मलेशिया में पौष पुत्रदा एकादशी 2027: सोमवार, 18 जनवरी — शहर-वार पूजा-समय
मलेशिया में पौष पुत्रदा एकादशी 2027: सोमवार, 18 जनवरी 2027 (कुआलालंपुर)
भारत के दिन ही। 2027 में पौष पुत्रदा एकादशी भारत और कुआलालंपुर में सोमवार, 18 जनवरी 2027 को है।
पौष पुत्रदा एकादशी 2027 — कुआलालंपुर
| शहर | तारीख | पूजा-समय | तिथि (स्थानीय) |
|---|
कुआलालंपुर Malaysia Time (MYT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 3:33 PM–4:59 PM MYT | 18 जनवरी, 12:58 PM → 19 जनवरी, 10:20 AM MYT |
समय स्थानीय। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
पौष पुत्रदा एकादशी की तारीख कैसे तय होती है
स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले।
महत्व
भविष्य-पुराण में इस एकादशी को संतान-प्रदायिनी कहा गया — कथा में राजा सुकेतुमान को इसी व्रत से पुत्र मिला। जिनके घर में संतान की प्रतीक्षा हो, वे पति-पत्नी दोनों यह व्रत रखते हैं; माताएँ बच्चों की मंगल-कामना से।
पौष का महीना सूर्य और विष्णु का — इस एकादशी को नारायण की पूजा, «संतान गोपाल» मंत्र और बाल-गोपाल (लड्डू गोपाल) की सेवा विशेष; कई घर इस दिन लड्डू गोपाल को झूला-वस्त्र चढ़ाते हैं।
एकादशी का सामान्य नियम — चावल-अनाज वर्जित, द्वादशी में हरि-वासर के बाद पारण; ऊपर द्वादशी की तिथि भी दी है।
पूजा-विधि (संक्षेप)
- दशमी की रात सात्विक भोजन; एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान, पीले वस्त्र; संकल्प — «मैं संतान-प्राप्ति/संतान के आरोग्य हेतु पुत्रदा एकादशी का व्रत करती/करता हूँ» (पति-पत्नी साथ रखें तो उत्तम)।
- विष्णु/लक्ष्मी-नारायण और बाल-गोपाल (लड्डू गोपाल) की पूजा — पंचामृत-स्नान, पीले वस्त्र, तुलसी-दल, पीले फूल, चंदन, धूप-दीप, नैवेद्य (माखन-मिश्री, फल, पीली मिठाई); «ॐ नमो भगवते वासुदेवाय» 108।
- संतान गोपाल मंत्र — «ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः» — 108 जप (या जितना हो सके); बाल-गोपाल को झूला झुलाएँ, लोरी/भजन।
- दिन-भर फलाहार/निर्जला (सामर्थ्य से); दिन में सोना नहीं; भागवत/एकादशी-कथा पढ़ें-सुनें; शाम को तुलसी-चौरे पर दीप, विष्णु-आरती।
- रात्रि-जागरण — भजन/विष्णु-सहस्रनाम; न हो सके तो आधी रात तक।
- दान: बच्चे/संतान के नाम से अन्न, वस्त्र, फल; ब्राह्मण-भोजन; गाय को चारा; बच्चों को मिठाई-उपहार।
- पारण: द्वादशी को सूर्योदय के बाद, हरि-वासर बीतने पर, द्वादशी समाप्त होने से पहले — पहले दान, फिर तुलसी-जल के साथ भोजन।
प्रश्नोत्तर
क्या पौष पुत्रदा एकादशी 2027 मलेशिया और भारत में एक ही दिन है?
हाँ — सोमवार, 18 जनवरी 2027।
ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में (कुआलालंपुर के लिए Malaysia Time (MYT))।
पौष और श्रावण की पुत्रदा एकादशी में क्या अंतर?
दोनों संतान-सुख की एकादशियाँ — पौष शुक्ल एकादशी उत्तर-पूर्व भारत में प्रमुख (यह पन्ना), श्रावण शुक्ल एकादशी पश्चिम-दक्षिण में; व्रत-विधि व कथा-भाव समान। एक ही वर्ष में दोनों रख सकते हैं।
यह व्रत कौन रखे — सिर्फ़ निःसंतान?
नहीं — निःसंतान दंपत्ति संतान-प्राप्ति के लिए, और जिनकी संतान है वे माताएँ बच्चों के आरोग्य-उन्नति-दीर्घायु के लिए; दोनों में विधि एक।
संतान गोपाल मंत्र कितना जपें?
एकादशी को 108 (एक माला) कम-से-कम; नियमित करना हो तो रोज़ एक माला, बाल-गोपाल के सामने; श्रद्धा मुख्य, गिनती नहीं।
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