| शहर | तारीख | पूजा-समय | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| सिडनी AEST/AEDT | मंगलवार, 19 जनवरी 2027 | — पारण 6:04 AM–8:53 AM AEDT | 18 जनवरी, 3:58 PM → 19 जनवरी, 1:20 PM AEDT |
| मेलबर्न AEST/AEDT | मंगलवार, 19 जनवरी 2027 | — पारण 6:20 AM–9:12 AM AEDT | 18 जनवरी, 3:58 PM → 19 जनवरी, 1:20 PM AEDT |
| ब्रिस्बेन AEST | मंगलवार, 19 जनवरी 2027 | — पारण 5:10 AM–7:53 AM AEST | 18 जनवरी, 2:58 PM → 19 जनवरी, 12:20 PM AEST |
| पर्थ AWST | मंगलवार, 19 जनवरी 2027 | — पारण 5:30 AM–7:12 AM AWST | 18 जनवरी, 12:58 PM → 19 जनवरी, 10:20 AM AWST |
| एडिलेड ACST/ACDT | मंगलवार, 19 जनवरी 2027 | — पारण 6:22 AM–9:12 AM ACDT | 18 जनवरी, 3:28 PM → 19 जनवरी, 12:50 PM ACDT |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले।
भविष्य-पुराण में इस एकादशी को संतान-प्रदायिनी कहा गया — कथा में राजा सुकेतुमान को इसी व्रत से पुत्र मिला। जिनके घर में संतान की प्रतीक्षा हो, वे पति-पत्नी दोनों यह व्रत रखते हैं; माताएँ बच्चों की मंगल-कामना से।
पौष का महीना सूर्य और विष्णु का — इस एकादशी को नारायण की पूजा, «संतान गोपाल» मंत्र और बाल-गोपाल (लड्डू गोपाल) की सेवा विशेष; कई घर इस दिन लड्डू गोपाल को झूला-वस्त्र चढ़ाते हैं।
एकादशी का सामान्य नियम — चावल-अनाज वर्जित, द्वादशी में हरि-वासर के बाद पारण; ऊपर द्वादशी की तिथि भी दी है।
नहीं। भारत: सोमवार, 18 जनवरी 2027; सिडनी (ऑस्ट्रेलिया): मंगलवार, 19 जनवरी 2027। तिथि स्थानीय निर्णायक क्षण पर देखी जाती है, जो यहाँ दूसरे दिन पड़ता है।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (सिडनी के लिए AEST/AEDT)।
दोनों संतान-सुख की एकादशियाँ — पौष शुक्ल एकादशी उत्तर-पूर्व भारत में प्रमुख (यह पन्ना), श्रावण शुक्ल एकादशी पश्चिम-दक्षिण में; व्रत-विधि व कथा-भाव समान। एक ही वर्ष में दोनों रख सकते हैं।
नहीं — निःसंतान दंपत्ति संतान-प्राप्ति के लिए, और जिनकी संतान है वे माताएँ बच्चों के आरोग्य-उन्नति-दीर्घायु के लिए; दोनों में विधि एक।
एकादशी को 108 (एक माला) कम-से-कम; नियमित करना हो तो रोज़ एक माला, बाल-गोपाल के सामने; श्रद्धा मुख्य, गिनती नहीं।