| शहर | तारीख | सांझ-पूजा (सूर्यास्त से) | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| न्यूयॉर्क Eastern Time (EST/EDT) | शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 | 6:06 PM EDT ⭐ तारे ≈ 6:34 PM · 🌙 चंद्रोदय 12:18 AM | 22 अक्टूबर, 2:26 AM → 23 अक्टूबर, 12:30 AM EDT |
| न्यू जर्सी (एडिसन) Eastern Time (EST/EDT) | शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 | 6:08 PM EDT ⭐ तारे ≈ 6:35 PM · 🌙 चंद्रोदय 12:20 AM | 22 अक्टूबर, 2:26 AM → 23 अक्टूबर, 12:30 AM EDT |
| शिकागो Central Time (CST/CDT) | शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 | 5:59 PM CDT ⭐ तारे ≈ 6:27 PM · 🌙 चंद्रोदय 12:13 AM | 22 अक्टूबर, 1:26 AM → 22 अक्टूबर, 11:30 PM CDT |
| ह्यूस्टन Central Time (CST/CDT) | शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 | 6:44 PM CDT ⭐ तारे ≈ 7:08 PM · 🌙 चंद्रोदय 1:12 AM | 22 अक्टूबर, 1:26 AM → 22 अक्टूबर, 11:30 PM CDT |
| डलास Central Time (CST/CDT) | शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 | 6:46 PM CDT ⭐ तारे ≈ 7:11 PM · 🌙 चंद्रोदय 1:12 AM | 22 अक्टूबर, 1:26 AM → 22 अक्टूबर, 11:30 PM CDT |
| अटलांटा Eastern Time (EST/EDT) | शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 | 6:56 PM EDT ⭐ तारे ≈ 7:21 PM · 🌙 चंद्रोदय 1:18 AM | 22 अक्टूबर, 2:26 AM → 23 अक्टूबर, 12:30 AM EDT |
| वॉशिंगटन डीसी Eastern Time (EST/EDT) | शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 | 6:20 PM EDT ⭐ तारे ≈ 6:47 PM · 🌙 चंद्रोदय 12:36 AM | 22 अक्टूबर, 2:26 AM → 23 अक्टूबर, 12:30 AM EDT |
| लॉस एंजेलेस Pacific Time (PST/PDT) | गुरुवार, 21 अक्टूबर 2027 | 6:12 PM PDT ⭐ तारे ≈ 6:37 PM · 🌙 चंद्रोदय 11:29 PM | 21 अक्टूबर, 11:26 PM → 22 अक्टूबर, 9:30 PM PDT |
| सैन होज़े (बे एरिया) Pacific Time (PST/PDT) | गुरुवार, 21 अक्टूबर 2027 | 6:23 PM PDT ⭐ तारे ≈ 6:49 PM · 🌙 चंद्रोदय 11:35 PM | 21 अक्टूबर, 11:26 PM → 22 अक्टूबर, 9:30 PM PDT |
| सिएटल Pacific Time (PST/PDT) | शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 | 6:08 PM PDT ⭐ तारे ≈ 6:40 PM · 🌙 चंद्रोदय 12:23 AM | 21 अक्टूबर, 11:26 PM → 22 अक्टूबर, 9:30 PM PDT |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
उस रात के स्थानीय चंद्रोदय पर कार्तिक कृष्ण अष्टमी। माताएँ सूर्यास्त के बाद सांझ में अहोई माता की पूजा करती हैं और तारे देखकर व्रत खोलती हैं (कुछ परिवार चंद्रमा देखकर)।
अहोई का अर्थ «अनहोनी को टालने वाली» है — यह व्रत संतान पर आने वाले संकट को टालने और निःसंतान को संतान-सुख देने वाला माना गया है। जिनकी संतान नहीं है, वे भी संतान-कामना से यह व्रत रखती हैं — मथुरा के राधाकुंड में इस रात स्नान की विशेष मान्यता है।
करवा चौथ पति के लिए, अहोई संतान के लिए — दोनों कार्तिक कृष्ण पक्ष में तीन-चार दिन के अंतर पर हैं, इसलिए उत्तर भारत में इन्हें जोड़े में रखा जाता है और करवा चौथ का करवा अहोई तक सँभालकर रखा जाता है।
व्रत सूर्योदय से तारे दिखने तक है — करवा चौथ की तरह चंद्रोदय तक नहीं। इस रात चंद्रमा देर से (लगभग मध्य-रात्रि) निकलता है; कुछ परिवार चंद्रमा को भी अर्घ्य देते हैं, पर सामान्य नियम तारों का है। ऊपर सूर्यास्त के समय से लगभग 35-45 मिनट बाद तारे स्पष्ट दिखने लगते हैं।
नहीं। भारत: शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027; न्यूयॉर्क (अमेरिका): शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027। तिथि स्थानीय निर्णायक क्षण पर देखी जाती है, जो यहाँ दूसरे दिन पड़ता है।
सांझ-पूजा (सूर्यास्त से): 6:06 PM (EDT)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (न्यूयॉर्क के लिए Eastern Time (EST/EDT))।
सामान्य नियम तारों का है — सूर्यास्त के लगभग 35-45 मिनट बाद तारे दिखते ही अर्घ्य देकर व्रत खुलता है। चंद्रमा इस रात देर से (ऊपर चंद्रोदय देखें) निकलता है; जिन घरों में चंद्र-अर्घ्य की रीत हो, वे उतनी देर रुकती हैं।
अहोई माता पार्वती का ही मातृ-रूप हैं — «अनहोनी टालने वाली»; कथा में स्याहू (सेह) माता भी साथ पूजी जाती हैं, जिनके बच्चों की अनजाने हत्या से व्रत की शुरुआत हुई।
हाँ, संतान-कामना से यह व्रत विशेष माना गया है; मथुरा के राधाकुंड में अहोई की आधी रात स्नान की मान्यता भी इसी से जुड़ी है।
अहोई माता का चाँदी का छोटा प्रतीक (स्याहू) और मोती — पहले साल दो मोती, हर साल दो जोड़ते जाते हैं; पूजा में चढ़ाकर माला बच्चों की रक्षा-प्रतीक के रूप में सँभाली जाती है।