| शहर | तारीख | मध्याह्न पूजा मुहूर्त | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| सिडनी AEST/AEDT | शुक्रवार, 27 मार्च 2026 | 11:49 AM – 2:11 PM AEDT | 26 मार्च, 5:19 PM → 27 मार्च, 3:37 PM AEDT |
| मेलबर्न AEST/AEDT | शुक्रवार, 27 मार्च 2026 | 12:14 PM – 2:36 PM AEDT | 26 मार्च, 5:19 PM → 27 मार्च, 3:37 PM AEDT |
| ब्रिस्बेन AEST | शुक्रवार, 27 मार्च 2026 | 10:42 AM – 1:05 PM AEST | 26 मार्च, 4:19 PM → 27 मार्च, 2:37 PM AEST |
| पर्थ AWST | शुक्रवार, 27 मार्च 2026 | 11:10 AM – 1:33 PM AWST | 26 मार्च, 2:19 PM → 27 मार्च, 12:37 PM AWST |
| एडिलेड ACST/ACDT | शुक्रवार, 27 मार्च 2026 | 12:10 PM – 2:32 PM ACDT | 26 मार्च, 4:49 PM → 27 मार्च, 3:07 PM ACDT |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
जिस दिन स्थानीय मध्याह्न में तिथि हो।
राम मर्यादा-पुरुषोत्तम हैं — पुत्र, भाई, पति, राजा: हर रिश्ते का आदर्श; राम नवमी का व्रत परिवार-सुख, संतान के संस्कार और कठिनाई में धैर्य के लिए रखा जाता है। मानस में — «राम जनम के हेतु अनेका, परम बिचित्र एक तें एका»।
जन्म-काल: मध्याह्न — अभिजित मुहूर्त (दोपहर लगभग 11:40-12:30, ऊपर सटीक); इसी में जन्म-आरती, शंख-घंटा, «जय श्रीराम» — मंदिरों में पालने में बाल-राम। नवमी दो दिन मध्याह्न को छुए तो पहला दिन।
यह चैत्र नवरात्रि की नवमी (माँ सिद्धिदात्री) भी है — कन्या-पूजन, हवन, पारण उसी दिन; दक्षिण में «श्रीराम नवमी» पर सीता-राम कल्याणम् (विवाह) की परंपरा।
नहीं। भारत: गुरुवार, 26 मार्च 2026; सिडनी (ऑस्ट्रेलिया): शुक्रवार, 27 मार्च 2026। तिथि स्थानीय निर्णायक क्षण पर देखी जाती है, जो यहाँ दूसरे दिन पड़ता है।
मध्याह्न पूजा मुहूर्त: 11:49 AM से 2:11 PM (AEDT)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (सिडनी के लिए AEST/AEDT)।
हाँ — चैत्र नवरात्रि की नवमी ही राम नवमी है (माँ सिद्धिदात्री + राम-जन्म); नवरात्रि-व्रती इस दिन कन्या-पूजन, हवन और पारण करते हैं, राम-जन्मोत्सव दोपहर में।
धनिया-पंजीरी जच्चा (प्रसूता) को दिया जाने वाला पौष्टिक चूर्ण है — बाल-राम के जन्म पर माँ कौशल्या के लिए; इसलिए जन्मोत्सव का प्रसाद; कृष्ण-जन्माष्टमी पर भी यही।
दक्षिण भारत (भद्राचलम, वोंटिमिट्टा) में राम नवमी को सीता-राम का कल्याणम् (विवाह-उत्सव) मनाया जाता है — उत्तर में विवाह पंचमी (मार्गशीर्ष) पर; दोनों परंपराएँ मान्य।