| शहर | तारीख | मध्याह्न पूजा मुहूर्त | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| टोरंटो Eastern Time (EST/EDT) | बुधवार, 14 अप्रैल 2027 | 11:58 AM – 2:39 PM EDT | 14 अप्रैल, 5:54 AM → 15 अप्रैल, 3:51 AM EDT |
| ब्रैम्पटन Eastern Time (EST/EDT) | बुधवार, 14 अप्रैल 2027 | 11:59 AM – 2:40 PM EDT | 14 अप्रैल, 5:54 AM → 15 अप्रैल, 3:51 AM EDT |
| वैंकूवर Pacific Time (PST/PDT) | बुधवार, 14 अप्रैल 2027 | 11:51 AM – 2:36 PM MST | 14 अप्रैल, 2:54 AM → 15 अप्रैल, 12:51 AM MST |
| कैलगरी Mountain Time (MST/MDT) | बुधवार, 14 अप्रैल 2027 | 12:14 PM – 3:00 PM MDT | 14 अप्रैल, 3:54 AM → 15 अप्रैल, 1:51 AM MDT |
| एडमंटन Mountain Time (MST/MDT) | बुधवार, 14 अप्रैल 2027 | 12:11 PM – 2:59 PM MDT | 14 अप्रैल, 3:54 AM → 15 अप्रैल, 1:51 AM MDT |
| मॉन्ट्रियल Eastern Time (EST/EDT) | बुधवार, 14 अप्रैल 2027 | 11:34 AM – 2:16 PM EDT | 14 अप्रैल, 5:54 AM → 15 अप्रैल, 3:51 AM EDT |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
जिस दिन स्थानीय मध्याह्न में तिथि हो।
राम मर्यादा-पुरुषोत्तम हैं — पुत्र, भाई, पति, राजा: हर रिश्ते का आदर्श; राम नवमी का व्रत परिवार-सुख, संतान के संस्कार और कठिनाई में धैर्य के लिए रखा जाता है। मानस में — «राम जनम के हेतु अनेका, परम बिचित्र एक तें एका»।
जन्म-काल: मध्याह्न — अभिजित मुहूर्त (दोपहर लगभग 11:40-12:30, ऊपर सटीक); इसी में जन्म-आरती, शंख-घंटा, «जय श्रीराम» — मंदिरों में पालने में बाल-राम। नवमी दो दिन मध्याह्न को छुए तो पहला दिन।
यह चैत्र नवरात्रि की नवमी (माँ सिद्धिदात्री) भी है — कन्या-पूजन, हवन, पारण उसी दिन; दक्षिण में «श्रीराम नवमी» पर सीता-राम कल्याणम् (विवाह) की परंपरा।
नहीं। भारत: गुरुवार, 15 अप्रैल 2027; टोरंटो (कनाडा): बुधवार, 14 अप्रैल 2027। तिथि स्थानीय निर्णायक क्षण पर देखी जाती है, जो यहाँ दूसरे दिन पड़ता है।
मध्याह्न पूजा मुहूर्त: 11:58 AM से 2:39 PM (EDT)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (टोरंटो के लिए Eastern Time (EST/EDT))।
हाँ — चैत्र नवरात्रि की नवमी ही राम नवमी है (माँ सिद्धिदात्री + राम-जन्म); नवरात्रि-व्रती इस दिन कन्या-पूजन, हवन और पारण करते हैं, राम-जन्मोत्सव दोपहर में।
धनिया-पंजीरी जच्चा (प्रसूता) को दिया जाने वाला पौष्टिक चूर्ण है — बाल-राम के जन्म पर माँ कौशल्या के लिए; इसलिए जन्मोत्सव का प्रसाद; कृष्ण-जन्माष्टमी पर भी यही।
दक्षिण भारत (भद्राचलम, वोंटिमिट्टा) में राम नवमी को सीता-राम का कल्याणम् (विवाह-उत्सव) मनाया जाता है — उत्तर में विवाह पंचमी (मार्गशीर्ष) पर; दोनों परंपराएँ मान्य।