सप्तविंशांश (भांश) (D27) — बल-निर्बलता का सूक्ष्म माप
क्या देखा जाता है
सप्तविंशांश (भांश) (D27) में देखा जाता है: बल-निर्बलता का सूक्ष्म माप। षोडशवर्ग का नियम याद रखिए — जो वादा जन्म-कुंडली (D1) करती है, उसकी पुष्टि सम्बन्धित वर्ग में होती है; D1 का शुभ योग यहाँ भी बलवान हो तो फल पक्का, यहाँ निर्बल हो तो घटकर या देर से।
गणना-विधि
सत्ताईस भाग — हर भाग एक नक्षत्र-तुल्य; अग्नि-राशि मेष से, पृथ्वी कर्क से, वायु तुला से, जल मकर से। ग्रह-बल के सूक्ष्म निर्णय (षड्बल-परम्परा) में प्रयुक्त।
पढ़ने के सूत्र
पहले सप्तविंशांश (भांश)-लग्न और उसका स्वामी देखिए, फिर सम्बन्धित कारक ग्रह की इस वर्ग में स्थिति। D1 में जो ग्रह इस विषय का काम करता है, उसकी D27-स्थिति ही अंतिम मुहर है। हमारी निःशुल्क कुंडली में सभी षोडशवर्ग स्वतः बनते हैं।
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