Nakshtra Takकुंडलीराशिफलपंचांगमिलानज्ञानग्रह-फलज्योतिषीStore
🌳 ग्रह-फल

षष्ट्यंश (D60) — पूर्व-कर्म

क्या देखा जाता है

षष्ट्यंश (D60) में देखा जाता है: पूर्व-कर्म — सबसे सूक्ष्म निर्णायक। षोडशवर्ग का नियम याद रखिए — जो वादा जन्म-कुंडली (D1) करती है, उसकी पुष्टि सम्बन्धित वर्ग में होती है; D1 का शुभ योग यहाँ भी बलवान हो तो फल पक्का, यहाँ निर्बल हो तो घटकर या देर से।

गणना-विधि

हर राशि के साठ आधे-अंश खंड, हर खंड का अपना शुभ/क्रूर नाम-देवता। पराशर ने वर्गों में इसे सर्वाधिक भार दिया — जुड़वाँ कुंडलियों का भेद प्रायः यहीं खुलता है। इसकी शुद्धता जन्म-समय की मिनट-स्तरीय शुद्धता माँगती है।

पढ़ने के सूत्र

पहले षष्ट्यंश-लग्न और उसका स्वामी देखिए, फिर सम्बन्धित कारक ग्रह की इस वर्ग में स्थिति। D1 में जो ग्रह इस विषय का काम करता है, उसकी D60-स्थिति ही अंतिम मुहर है। हमारी निःशुल्क कुंडली में सभी षोडशवर्ग स्वतः बनते हैं।

🔮 अपनी कुंडली में देखें

यह स्थिति आपकी अपनी कुंडली में है या नहीं — ग्रह, दशा व घटना-समय सहित तुरंत निःशुल्क जाँचें।

निःशुल्क कुंडली बनाएँ →

🌐 Read this page in English