खवेदांश (D40) — शुभ-अशुभ संस्कार (मातृ-पक्ष)
क्या देखा जाता है
खवेदांश (D40) में देखा जाता है: शुभ-अशुभ संस्कार (मातृ-पक्ष)। षोडशवर्ग का नियम याद रखिए — जो वादा जन्म-कुंडली (D1) करती है, उसकी पुष्टि सम्बन्धित वर्ग में होती है; D1 का शुभ योग यहाँ भी बलवान हो तो फल पक्का, यहाँ निर्बल हो तो घटकर या देर से।
गणना-विधि
चालीस भाग; विषम में मेष से, सम में तुला से गिनती। वंश से आए शुभाशुभ प्रभावों की सूक्ष्म परत मानी जाती है।
पढ़ने के सूत्र
पहले खवेदांश-लग्न और उसका स्वामी देखिए, फिर सम्बन्धित कारक ग्रह की इस वर्ग में स्थिति। D1 में जो ग्रह इस विषय का काम करता है, उसकी D40-स्थिति ही अंतिम मुहर है। हमारी निःशुल्क कुंडली में सभी षोडशवर्ग स्वतः बनते हैं।
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