सप्तमांश (D7) — संतान व संतति-सुख
क्या देखा जाता है
सप्तमांश (D7) में देखा जाता है: संतान व संतति-सुख। षोडशवर्ग का नियम याद रखिए — जो वादा जन्म-कुंडली (D1) करती है, उसकी पुष्टि सम्बन्धित वर्ग में होती है; D1 का शुभ योग यहाँ भी बलवान हो तो फल पक्का, यहाँ निर्बल हो तो घटकर या देर से।
गणना-विधि
राशि के सात भाग; विषम राशि में गिनती उसी राशि से, सम में सातवीं से। पंचम-भाव व संतान-कारक गुरु का वादा यहाँ पुष्ट होता है।
पढ़ने के सूत्र
पहले सप्तमांश-लग्न और उसका स्वामी देखिए, फिर सम्बन्धित कारक ग्रह की इस वर्ग में स्थिति। D1 में जो ग्रह इस विषय का काम करता है, उसकी D7-स्थिति ही अंतिम मुहर है। हमारी निःशुल्क कुंडली में सभी षोडशवर्ग स्वतः बनते हैं।
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