यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) में मौनी अमावस्या 2026: रविवार, 18 जनवरी — शहर-वार पूजा-समय
यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) में मौनी अमावस्या 2026: रविवार, 18 जनवरी 2026 (दुबई)
पूर्वाह्न पूजा-समय: 7:06 AM – 11:25 AM GST
भारत के दिन ही। 2026 में मौनी अमावस्या भारत और यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) के सब शहरों में रविवार, 18 जनवरी 2026 को है।
मौनी अमावस्या 2026 — यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) के सब शहर
| शहर | तारीख | पूर्वाह्न पूजा-समय | तिथि (स्थानीय) |
|---|
दुबई Gulf Standard Time (GST) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:06 AM – 11:25 AM GST | 17 जनवरी, 10:34 PM → 18 जनवरी, 11:56 PM GST |
अबू धाबी Gulf Standard Time (GST) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:08 AM – 11:28 AM GST | 17 जनवरी, 10:34 PM → 18 जनवरी, 11:58 PM GST |
शारजाह Gulf Standard Time (GST) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:06 AM – 11:24 AM GST | 17 जनवरी, 10:34 PM → 18 जनवरी, 11:56 PM GST |
समय स्थानीय। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
मौनी अमावस्या की तारीख कैसे तय होती है
स्थानीय सूर्योदय पर तिथि (उदया तिथि)।
महत्व
माघ-स्नान (पूरे माघ भोर में स्नान) का सबसे फलदायी दिन; शास्त्रों में मौनी अमावस्या के स्नान को हज़ार गंगा-स्नान के बराबर कहा गया। इसी दिन मनु ऋषि का जन्म माना जाता है — «मनु» से «मौनी»।
अमावस्या पितरों की तिथि है — तर्पण, पिंडदान/अन्न-दान से पितर तृप्त होते हैं; कालसर्प/पितृ-दोष के उपाय इस दिन विशेष; शनि-संबंधी दान (तिल, काला कपड़ा, तेल) भी।
मौन का नियम: कम-से-कम स्नान-पूजा-दान तक न बोलें (मन में जप); पूरा दिन मौन रख सकें तो उत्तम — यह घर की स्त्री के लिए दुर्लभ शांति का दिन भी है।
पूजा-विधि (संक्षेप)
- ब्रह्म-मुहूर्त (ऊपर समय) में उठकर मौन रहें; नदी/तालाब (या घर में गंगाजल-तिल मिले जल) से स्नान — «ॐ नमो नारायणाय» मन में; सूर्य को अर्घ्य।
- संकल्प (मन में) — «मैं मौनी अमावस्या का स्नान-दान-तर्पण पितरों की तृप्ति व परिवार-कल्याण हेतु करती हूँ।»
- पितृ-तर्पण: दक्षिण मुख, ताँबे के लोटे में जल-काले तिल-कुश-अक्षत, पितरों के नाम ले-लेकर तीन-तीन बार जल — घर का पुरुष करे, स्त्रियाँ भी कर सकती हैं (माँ/दादी के लिए); पीपल के पेड़ को जल-तिल और परिक्रमा।
- दान (सूर्योदय के बाद, दोपहर तक): काले तिल, तिल के लड्डू, गुड़, कंबल/ऊनी वस्त्र, घी, अन्न, तेल, जूते-छाता (शनि) — ब्राह्मण/ज़रूरतमंद/गौशाला; गाय को हरा चारा, कौवे-कुत्ते को रोटी (पंच-बलि)।
- घर में विष्णु-लक्ष्मी और शिव की पूजा; तुलसी को जल; अमावस्या को व्रत रखने वाली स्त्रियाँ दिन में फलाहार/एक समय भोजन।
- दिन-भर (या जितना संभव) मौन — पढ़ना-जप-भजन मन में; क्रोध-कलह नहीं; मौन तोड़ना हो तो पहले प्रभु-नाम।
- शाम को तुलसी-चौरे, पीपल के नीचे और मुख्य द्वार पर सरसों-तेल का दीपक (पितरों व शनि के लिए); अमावस्या की रात हनुमान-चालीसा या शिव-मंत्र।
- अगले दिन (प्रतिपदा) सुबह सामान्य दिनचर्या; माघ-स्नान का नियम पूर्णिमा तक जारी।
प्रश्नोत्तर
क्या मौनी अमावस्या 2026 यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) और भारत में एक ही दिन है?
हाँ — रविवार, 18 जनवरी 2026।
दुबई में मौनी अमावस्या 2026 का पूजा-समय?
पूर्वाह्न पूजा-समय: 7:06 AM से 11:25 AM (GST)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में (दुबई के लिए Gulf Standard Time (GST))।
मौन कितनी देर रखें?
शास्त्र-विधान पूरे दिन का है; व्यवहार में सुबह उठने से स्नान-पूजा-दान पूरा होने तक (कम-से-कम 2-3 घंटे) मौन; मन में जप। जो पूरा दिन रख सकें, उत्तम।
स्त्रियाँ तर्पण कर सकती हैं?
हाँ — जिनके घर में पुरुष न हों या अपने माता-पिता के लिए, स्त्रियाँ तर्पण कर सकती हैं (कुश की जगह अक्षत-तिल-जल); पीपल-पूजा और दान तो मुख्य रूप से स्त्रियाँ ही करती हैं।
क्या इस दिन शनि का दान भी करते हैं?
अमावस्या शनि-प्रिय तिथि है — काले तिल, सरसों तेल, काला वस्त्र, जूते-छाता, लोहा का दान; शनिवार को पड़े (शनि-अमावस्या) तो विशेष।
मौनी अमावस्या और कुंभ का क्या संबंध?
प्रयाग के माघ-मेले/कुंभ/अर्धकुंभ में मौनी अमावस्या मुख्य शाही-स्नान है — मान्यता है कि इस दिन संगम में अमृत-बूँदें उतरती हैं; 2025 महाकुंभ में इसी दिन सबसे बड़ा स्नान था।
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