| शहर | तारीख | पूर्वाह्न पूजा-समय | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| न्यूयॉर्क Eastern Time (EST/EDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:16 AM – 11:08 AM EST | 17 जनवरी, 1:34 PM → 18 जनवरी, 2:56 PM EST |
| न्यू जर्सी (एडिसन) Eastern Time (EST/EDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:18 AM – 11:10 AM EST | 17 जनवरी, 1:34 PM → 18 जनवरी, 2:58 PM EST |
| शिकागो Central Time (CST/CDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:14 AM – 11:04 AM CST | 17 जनवरी, 12:34 PM → 18 जनवरी, 1:54 PM CST |
| ह्यूस्टन Central Time (CST/CDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:17 AM – 11:29 AM CST | 17 जनवरी, 12:34 PM → 18 जनवरी, 1:57 PM CST |
| डलास Central Time (CST/CDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:29 AM – 11:36 AM CST | 17 जनवरी, 12:34 PM → 18 जनवरी, 1:59 PM CST |
| अटलांटा Eastern Time (EST/EDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:41 AM – 11:47 AM EST | 17 जनवरी, 1:34 PM → 18 जनवरी, 3:01 PM EST |
| वॉशिंगटन डीसी Eastern Time (EST/EDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:24 AM – 11:20 AM EST | 17 जनवरी, 1:34 PM → 18 जनवरी, 2:54 PM EST |
| लॉस एंजेलेस Pacific Time (PST/PDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 6:57 AM – 11:02 AM PST | 17 जनवरी, 10:34 AM → 18 जनवरी, 11:57 AM PST |
| सैन होज़े (बे एरिया) Pacific Time (PST/PDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:19 AM – 11:18 AM PST | 17 जनवरी, 10:34 AM → 18 जनवरी, 11:59 AM PST |
| सिएटल Pacific Time (PST/PDT) | रविवार, 18 जनवरी 2026 | 7:50 AM – 11:26 AM PST | 17 जनवरी, 10:34 AM → 18 जनवरी, 12:00 PM PST |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
स्थानीय सूर्योदय पर तिथि (उदया तिथि)।
माघ-स्नान (पूरे माघ भोर में स्नान) का सबसे फलदायी दिन; शास्त्रों में मौनी अमावस्या के स्नान को हज़ार गंगा-स्नान के बराबर कहा गया। इसी दिन मनु ऋषि का जन्म माना जाता है — «मनु» से «मौनी»।
अमावस्या पितरों की तिथि है — तर्पण, पिंडदान/अन्न-दान से पितर तृप्त होते हैं; कालसर्प/पितृ-दोष के उपाय इस दिन विशेष; शनि-संबंधी दान (तिल, काला कपड़ा, तेल) भी।
मौन का नियम: कम-से-कम स्नान-पूजा-दान तक न बोलें (मन में जप); पूरा दिन मौन रख सकें तो उत्तम — यह घर की स्त्री के लिए दुर्लभ शांति का दिन भी है।
हाँ — रविवार, 18 जनवरी 2026।
पूर्वाह्न पूजा-समय: 7:16 AM से 11:08 AM (EST)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (न्यूयॉर्क के लिए Eastern Time (EST/EDT))।
शास्त्र-विधान पूरे दिन का है; व्यवहार में सुबह उठने से स्नान-पूजा-दान पूरा होने तक (कम-से-कम 2-3 घंटे) मौन; मन में जप। जो पूरा दिन रख सकें, उत्तम।
हाँ — जिनके घर में पुरुष न हों या अपने माता-पिता के लिए, स्त्रियाँ तर्पण कर सकती हैं (कुश की जगह अक्षत-तिल-जल); पीपल-पूजा और दान तो मुख्य रूप से स्त्रियाँ ही करती हैं।
अमावस्या शनि-प्रिय तिथि है — काले तिल, सरसों तेल, काला वस्त्र, जूते-छाता, लोहा का दान; शनिवार को पड़े (शनि-अमावस्या) तो विशेष।
प्रयाग के माघ-मेले/कुंभ/अर्धकुंभ में मौनी अमावस्या मुख्य शाही-स्नान है — मान्यता है कि इस दिन संगम में अमृत-बूँदें उतरती हैं; 2025 महाकुंभ में इसी दिन सबसे बड़ा स्नान था।