| शहर | तारीख | पुण्य काल (सूर्योदय से — संक्रांति रात में थी) | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| न्यूयॉर्क Eastern Time (EST/EDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 7:18 AM – 4:52 PM EST | 13 जनवरी, 4:48 AM → 14 जनवरी, 7:23 AM EST |
| न्यू जर्सी (एडिसन) Eastern Time (EST/EDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 7:19 AM – 4:54 PM EST | 13 जनवरी, 4:48 AM → 14 जनवरी, 7:23 AM EST |
| शिकागो Central Time (CST/CDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 7:16 AM – 4:44 PM CST | 14 जनवरी, 6:23 AM → 15 जनवरी, 8:47 AM CST |
| ह्यूस्टन Central Time (CST/CDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 7:18 AM – 5:44 PM CST | 14 जनवरी, 6:23 AM → 15 जनवरी, 8:47 AM CST |
| डलास Central Time (CST/CDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 7:30 AM – 5:43 PM CST | 14 जनवरी, 6:23 AM → 15 जनवरी, 8:47 AM CST |
| अटलांटा Eastern Time (EST/EDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 7:42 AM – 5:51 PM EST | 14 जनवरी, 7:23 AM → 15 जनवरी, 9:47 AM EST |
| वॉशिंगटन डीसी Eastern Time (EST/EDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 7:26 AM – 5:09 PM EST | 14 जनवरी, 7:23 AM → 15 जनवरी, 9:47 AM EST |
| लॉस एंजेलेस Pacific Time (PST/PDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 6:59 AM – 5:06 PM PST | 14 जनवरी, 4:23 AM → 15 जनवरी, 6:47 AM PST |
| सैन होज़े (बे एरिया) Pacific Time (PST/PDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 7:21 AM – 5:13 PM PST | 14 जनवरी, 4:23 AM → 15 जनवरी, 6:47 AM PST |
| सिएटल Pacific Time (PST/PDT) | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 7:53 AM – 4:44 PM PST | 14 जनवरी, 4:23 AM → 15 जनवरी, 6:47 AM PST |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
सूर्य का मकर (निरयण) में प्रवेश — सौर घटना, इसलिए तारीख लगभग सब जगह एक; मध्यरात्रि के पास हो तो बदल सकती है।
सूर्य-कृतज्ञता व उत्तरायण: थाई माह का आरंभ = सूर्य का मकर-प्रवेश, उत्तरायण (देवताओं का दिन) — «थाई पिरंदाल वळि पिरक्कुम» (थाई आते ही रास्ता खुलता है): विवाह-नए काम की शुभ ऋतु; धान की कटाई पूरी — किसान-परिवार सूर्य, वर्षा, भूमि व पशु को धन्यवाद देते हैं; यही मकर संक्रांति का सार।
चार दिन: भोगी — इंद्र (भोगी = इंद्र, वर्षा-देव) का दिन, पुरानी-टूटी वस्तुएँ भोर में जलाकर नई शुरुआत, घर की सफ़ाई-लिपाई; थाई पोंगल — सूर्य को उफनता पोंगल; मट्टु पोंगल — गाय-बैल (कृषि-सहायक) को स्नान-सींग-रंग-माला, जल्लीकट्टु/मंजु-विरट्टु; काणुम पोंगल — «काणुम» = देखना: रिश्तेदारों से मिलना, बहनें भाइयों की मंगल-कामना (कणु पिड़ि), नदी-किनारे भोजन।
स्त्रियों का पर्व: भोर का कोलम (चावल-आटे की रंगोली — चींटी-पक्षियों को भोजन भी), नए मिट्टी के बर्तन पर हल्दी-अदरक की ताज़ी गाँठ बाँधना, गन्ना, पोंगल पकाना — घर की देवी-रूप स्त्री द्वारा; काणुम पोंगल की «कणु पिड़ि» में बहनें बचे पोंगल-रंगीन चावल पक्षियों को रखकर भाई की दीर्घायु माँगती हैं।
हाँ — बुधवार, 14 जनवरी 2026।
पुण्य काल (सूर्योदय से — संक्रांति रात में थी): 7:18 AM से 4:52 PM (EST)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (न्यूयॉर्क के लिए Eastern Time (EST/EDT))।
नया चावल 1 कप + भुनी मूँग-दाल ¼ कप, दूध-जल में गलने तक; गुड़ ¾-1 कप पिघलाकर छानकर डालें, घी 3-4 चम्मच, काजू-किशमिश घी में भूनकर, इलायची; बर्तन में दूध पहले उफनने दें (शगुन), फिर चावल डालें।
ताज़ी हल्दी (मंजल) शुभता-शुद्धि व फ़सल का प्रतीक — पत्तों सहित गाँठ बर्तन के गले पर बाँधी जाती है (अदरक-गाँठ साथ), आम-पत्ते; यह बर्तन को «कलश» का रूप देती है; गन्ना समृद्धि, केला शुभ।
चौथे दिन भोर में स्त्रियाँ/बहनें हल्दी-पत्ते पर बचा पोंगल, रंगीन (हल्दी-कुंकुम) चावल, गन्ना-केला रखकर कौवों को अर्पित करती हैं — भाइयों की दीर्घायु-समृद्धि की प्रार्थना; भाई बहनों को उपहार; परिवार-भ्रमण का दिन।
एक ही सौर-संक्रमण (सूर्य का मकर-प्रवेश) — तमिलनाडु में थाई पोंगल (चार दिन, उफनता पोंगल), उत्तर में मकर संक्रांति (खिचड़ी-तिल-स्नान-पतंग), पंजाब में लोहड़ी (एक दिन पहले), असम में माघ बिहू; मकर संक्रांति का अलग पन्ना — रीतें वहाँ।
🙏 गुरुजी (आचार्य आदित्य धर द्विवेदी) से सीधी बात