कैलगरी पंचांग — मंगलवार, 13 अप्रैल 2027

पंचांगराहुकालचौघड़ियाचंद्रोदय
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मंगलवार, 13 अप्रैल · कैलगरी
तिथि: अष्टमी 3:54 AM, 14 अप्रैल तक · नक्षत्र: पुनर्वसु 11:22 PM तक
सूर्योदय 6:46 AM · सूर्यास्त 8:29 PM · राहुकाल 5:03 PM – 6:46 PM

सब समय कैलगरी के स्थानीय समय (CST) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

पंचांग विवरण

तिथिअष्टमी — 3:54 AM, 14 अप्रैल → नवमी
पक्षशुक्ल पक्ष
नक्षत्रपुनर्वसु — 11:22 PM → पुष्य
योगसुकर्म — 11:40 PM
करणविष्टि — 4:57 PM · बव
सूर्योदय / सूर्यास्त6:46 AM / 8:29 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त11:34 AM / —
चंद्र मासचैत्र (अमांत) · चैत्र (पूर्णिमांत)
चंद्र राशिमिथुन — 5:42 PM
सूर्य राशिमीन
विक्रम संवत / शक2084 / 1949
ऋतु / अयनवसंत · उत्तरायण
दिनमान / रात्रिमान13 घंटे 43 मिनट / 10 घंटे 15 मिनट
दिशा शूलउत्तर

✅ शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त5:23 AM – 6:05 AM
अभिजित मुहूर्त1:10 PM – 2:05 PM
अमृत काल9:06 PM – 10:37 PM
रवि योग11:22 PM – 6:44 AM, 14 अप्रैल
विजय मुहूर्त3:55 PM – 4:50 PM
गोधूलि मुहूर्त8:29 PM – 8:50 PM
निशीथ मुहूर्त1:16 AM, 14 अप्रैल – 1:57 AM, 14 अप्रैल
प्रातः सन्ध्या5:44 AM – 6:46 AM
सायाह्न सन्ध्या8:29 PM – 9:31 PM

⚠️ अशुभ समय

राहुकाल5:03 PM – 6:46 PM
यमगंड10:12 AM – 11:55 AM
गुलिक काल1:38 PM – 3:20 PM
दुर्मुहूर्त9:31 AM – 10:25 AM, 12:35 AM, 14 अप्रैल – 1:16 AM, 14 अप्रैल
वर्ज्य12:03 PM – 1:33 PM
भद्रा6:46 AM – 4:57 PM
बाणअग्नि बाण — 4:03 AM, 14 अप्रैल

🔯 योग, वास, शूल व बल

नक्षत्र-पदपुनर्वसु-2 — 12:02 PM · पुनर्वसु-3 — 5:42 PM · पुनर्वसु-4 — 11:22 PM · पुष्य-1 — 5:02 AM, 14 अप्रैल · पुष्य-2 — 10:43 AM, 14 अप्रैल
अगला योगधृति — 8:53 PM, 14 अप्रैल
सूर्य-नक्षत्ररेवती (पद 4)
मध्याह्न1:38 PM
आनन्दादि योगस्थिर — 11:22 PM फिर वर्धमान
तमिल योगअमृत — 11:22 PM फिर सिद्ध
होमाहुतिशुक्र
चन्द्र वासपश्चिम — 5:42 PM फिर उत्तर
राहु वासपश्चिम
कुम्भ चक्रदक्षिण
जीवनम् / नेत्रम्अर्ध जीवन · एक नेत्र — 11:22 PM फिर दो नेत्र — 4:03 AM, 14 अप्रैल फिर एक नेत्र
भद्रा-वासस्वर्ग (6:46 AM – 4:57 PM)
चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ)मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
चन्द्राष्टमवृश्चिक
ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ)भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, ज्येष्ठा, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उ.भाद्रपद, रेवती (— 11:22 PM)
ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक)वसन्त · उत्तरायण
गुजराती संवत / कलियुग2083 कालयुक्त / 5128
राष्ट्रीय शक तिथिचैत्र 23, शक 1949
पंचक-रहित मुहूर्त✅ शुभ मुहूर्त: 6:46 AM – 6:53 AM
⛔ मृत्यु पंचक: 6:53 AM – 7:58 AM
⛔ अग्नि पंचक: 7:58 AM – 9:36 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:36 AM – 11:59 AM
⛔ राज पंचक: 11:59 AM – 2:46 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 2:46 PM – 5:36 PM
⛔ चोर पंचक: 5:36 PM – 8:25 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 8:25 PM – 11:15 PM
⛔ रोग पंचक: 11:15 PM – 11:22 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 11:22 PM – 1:51 AM, 14 अप्रैल
⛔ मृत्यु पंचक: 1:51 AM, 14 अप्रैल – 3:47 AM, 14 अप्रैल
⛔ अग्नि पंचक: 3:47 AM, 14 अप्रैल – 3:54 AM, 14 अप्रैल
✅ शुभ मुहूर्त: 3:54 AM, 14 अप्रैल – 5:02 AM, 14 अप्रैल
⛔ राज पंचक: 5:02 AM, 14 अप्रैल – 5:57 AM, 14 अप्रैल
✅ शुभ मुहूर्त: 5:57 AM, 14 अप्रैल – 6:44 AM, 14 अप्रैल
उदय-लग्नमीन: 6:46 AM – 6:53 AM
मेष: 6:53 AM – 7:58 AM
वृष: 7:58 AM – 9:36 AM
मिथुन: 9:36 AM – 11:59 AM
कर्क: 11:59 AM – 2:46 PM
सिंह: 2:46 PM – 5:36 PM
कन्या: 5:36 PM – 8:25 PM
तुला: 8:25 PM – 11:15 PM
वृश्चिक: 11:15 PM – 1:51 AM, 14 अप्रैल
धनु: 1:51 AM, 14 अप्रैल – 3:47 AM, 14 अप्रैल
मकर: 3:47 AM, 14 अप्रैल – 5:02 AM, 14 अप्रैल
कुंभ: 5:02 AM, 14 अप्रैल – 5:57 AM, 14 अप्रैल
मीन: 5:57 AM, 14 अप्रैल – 6:44 AM, 14 अप्रैल

प्रश्नोत्तर

कैलगरी का पंचांग भारत के पंचांग से अलग क्यों है?

तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। कैलगरी का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

कैलगरी का स्थानीय समय (CST), DST अपने-आप लागू।

यह पंचांग कैसे गिना गया?

कैलगरी के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।

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