| शहर | तारीख | पूजा-समय | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| न्यूयॉर्क Eastern Time (EST/EDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 7:16 AM–9:12 AM EST | 17 जनवरी, 11:58 PM → 18 जनवरी, 9:20 PM EST |
| न्यू जर्सी (एडिसन) Eastern Time (EST/EDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 7:17 AM–9:14 AM EST | 17 जनवरी, 11:58 PM → 18 जनवरी, 9:20 PM EST |
| शिकागो Central Time (CST/CDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 7:14 AM–9:09 AM CST | 17 जनवरी, 10:58 PM → 18 जनवरी, 8:20 PM CST |
| ह्यूस्टन Central Time (CST/CDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 7:17 AM–9:23 AM CST | 17 जनवरी, 10:58 PM → 18 जनवरी, 8:20 PM CST |
| डलास Central Time (CST/CDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 7:29 AM–9:33 AM CST | 17 जनवरी, 10:58 PM → 18 जनवरी, 8:20 PM CST |
| अटलांटा Eastern Time (EST/EDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 7:41 AM–9:44 AM EST | 17 जनवरी, 11:58 PM → 18 जनवरी, 9:20 PM EST |
| वॉशिंगटन डीसी Eastern Time (EST/EDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 7:24 AM–9:22 AM EST | 17 जनवरी, 11:58 PM → 18 जनवरी, 9:20 PM EST |
| लॉस एंजेलेस Pacific Time (PST/PDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 6:57 AM–9:00 AM PST | 17 जनवरी, 8:58 PM → 18 जनवरी, 6:20 PM PST |
| सैन होज़े (बे एरिया) Pacific Time (PST/PDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 7:19 AM–9:19 AM PST | 17 जनवरी, 8:58 PM → 18 जनवरी, 6:20 PM PST |
| सिएटल Pacific Time (PST/PDT) | सोमवार, 18 जनवरी 2027 | — पारण 7:50 AM–9:38 AM PST | 17 जनवरी, 8:58 PM → 18 जनवरी, 6:20 PM PST |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले।
भविष्य-पुराण में इस एकादशी को संतान-प्रदायिनी कहा गया — कथा में राजा सुकेतुमान को इसी व्रत से पुत्र मिला। जिनके घर में संतान की प्रतीक्षा हो, वे पति-पत्नी दोनों यह व्रत रखते हैं; माताएँ बच्चों की मंगल-कामना से।
पौष का महीना सूर्य और विष्णु का — इस एकादशी को नारायण की पूजा, «संतान गोपाल» मंत्र और बाल-गोपाल (लड्डू गोपाल) की सेवा विशेष; कई घर इस दिन लड्डू गोपाल को झूला-वस्त्र चढ़ाते हैं।
एकादशी का सामान्य नियम — चावल-अनाज वर्जित, द्वादशी में हरि-वासर के बाद पारण; ऊपर द्वादशी की तिथि भी दी है।
हाँ — सोमवार, 18 जनवरी 2027।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (न्यूयॉर्क के लिए Eastern Time (EST/EDT))।
दोनों संतान-सुख की एकादशियाँ — पौष शुक्ल एकादशी उत्तर-पूर्व भारत में प्रमुख (यह पन्ना), श्रावण शुक्ल एकादशी पश्चिम-दक्षिण में; व्रत-विधि व कथा-भाव समान। एक ही वर्ष में दोनों रख सकते हैं।
नहीं — निःसंतान दंपत्ति संतान-प्राप्ति के लिए, और जिनकी संतान है वे माताएँ बच्चों के आरोग्य-उन्नति-दीर्घायु के लिए; दोनों में विधि एक।
एकादशी को 108 (एक माला) कम-से-कम; नियमित करना हो तो रोज़ एक माला, बाल-गोपाल के सामने; श्रद्धा मुख्य, गिनती नहीं।