किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
🎉 पर्व: एकादशी व्रत, मंगलवार – हनुमान पूजा
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी — 12:35 AM तक |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा — 10:17 PM तक |
| योग | सिद्ध — 07:20 AM तक |
| करण | बव |
| मास / ऋतु | भाद्रपद / शरद |
| संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948 |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / कर्क |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 06:09 AM – 06:06 PM |
| चंद्रोदय | — |
| राहुकाल | 03:07 PM – 04:36 PM |
|---|---|
| यमगंड | 09:08 AM – 10:38 AM |
| गुलिक काल | 12:08 PM – 01:37 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 AM – 12:31 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:33 AM – 05:21 AM |
| दिशा शूल | उत्तर |
रोग (06:09 AM–07:38 AM) · उद्वेग (07:38 AM–09:08 AM) · चर (09:08 AM–10:37 AM) · लाभ (10:37 AM–12:07 PM) · अमृत (12:07 PM–01:37 PM) · काल (01:37 PM–03:06 PM) · शुभ (03:06 PM–04:36 PM) · रोग (04:36 PM–06:06 PM)
काल (06:06 PM–07:36 PM) · लाभ (07:36 PM–09:06 PM) · उद्वेग (09:06 PM–10:37 PM) · शुभ (10:37 PM–12:07 AM) · अमृत (12:07 AM–01:37 AM) · चर (01:37 AM–03:08 AM) · रोग (03:08 AM–04:38 AM) · काल (04:38 AM–06:09 AM)
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
बेंगलुरु (कर्नाटक) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (13.0°N, 77.6°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। देशांतर में दिल्ली के लगभग बराबर होने से यहाँ का सूर्योदय दिल्ली के आस-पास ही रहता है, फिर भी हर गणना इसी नगर के निर्देशांक से होती है।
ऊपर की तालिका में तिथि-नक्षत्र अपने समाप्ति-समय सहित हैं, ताकि दिन की योजना ठीक घड़ी तक बन सके। बेंगलुरु का राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल भी इसी स्थानीय दिनमान से निकाले जाते हैं — किसी और शहर का समय यहाँ लागू न करें।
⏳ बेंगलुरु राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
बेंगलुरु का पंचांग किस गणना से बनता है?
बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
बेंगलुरु में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।