किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
🎉 पर्व: प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी — 10:16 PM तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पू.फाल्गुनी — 09:20 PM तक |
| योग | शुक्ल — 12:58 AM तक |
| करण | गर |
| मास / ऋतु | भाद्रपद / शरद |
| संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948 |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / सिंह |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 05:39 AM – 05:29 PM |
| चंद्रोदय | — |
| राहुकाल | 01:03 PM – 02:32 PM |
|---|---|
| यमगंड | 05:39 AM – 07:08 AM |
| गुलिक काल | 08:37 AM – 10:05 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:10 AM – 11:58 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:02 AM – 04:50 AM |
| दिशा शूल | दक्षिण |
शुभ (05:39 AM–07:07 AM) · रोग (07:07 AM–08:36 AM) · उद्वेग (08:36 AM–10:05 AM) · चर (10:05 AM–11:34 AM) · लाभ (11:34 AM–01:02 PM) · अमृत (01:02 PM–02:31 PM) · काल (02:31 PM–04:00 PM) · शुभ (04:00 PM–05:29 PM)
अमृत (05:29 PM–07:00 PM) · चर (07:00 PM–08:31 PM) · रोग (08:31 PM–10:03 PM) · काल (10:03 PM–11:34 PM) · लाभ (11:34 PM–01:05 AM) · उद्वेग (01:05 AM–02:37 AM) · शुभ (02:37 AM–04:08 AM) · अमृत (04:08 AM–05:40 AM)
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
भुवनेश्वर (ओडिशा) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (20.3°N, 85.8°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। लिंगराज मंदिर वाली यह «मंदिरों की नगरी» ओडिशा की राजधानी है। पूर्व-पश्चिम स्थिति के कारण यहाँ सूर्योदय दिल्ली से औसतन लगभग 34 मिनट पहले होता है — इसीलिए राहुकाल, चौघड़िया और होरा के समय हर शहर में अलग पड़ते हैं।
व्रत-त्योहार का निर्णय प्रायः सूर्योदय-व्यापिनी तिथि से होता है, इसलिए भुवनेश्वर के व्रत-पर्व की सही तारीख़ इसी स्थानीय पंचांग से देखिए — तिथि, नक्षत्र, योग व करण अपने समाप्ति-समय के साथ ऊपर की तालिका में हैं।
⏳ भुवनेश्वर राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
भुवनेश्वर का पंचांग किस गणना से बनता है?
भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
भुवनेश्वर में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।