किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
🎉 पर्व: एकादशी व्रत, मंगलवार – हनुमान पूजा
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी — 12:35 AM तक |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा — 10:17 PM तक |
| योग | सिद्ध — 07:20 AM तक |
| करण | बव |
| मास / ऋतु | भाद्रपद / शरद |
| संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948 |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / कर्क |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 05:58 AM – 05:56 PM |
| चंद्रोदय | — |
| राहुकाल | 02:57 PM – 04:26 PM |
|---|---|
| यमगंड | 08:58 AM – 10:27 AM |
| गुलिक काल | 11:57 AM – 01:27 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:33 AM – 12:21 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:22 AM – 05:10 AM |
| दिशा शूल | उत्तर |
रोग (05:58 AM–07:27 AM) · उद्वेग (07:27 AM–08:57 AM) · चर (08:57 AM–10:27 AM) · लाभ (10:27 AM–11:57 AM) · अमृत (11:57 AM–01:26 PM) · काल (01:26 PM–02:56 PM) · शुभ (02:56 PM–04:26 PM) · रोग (04:26 PM–05:56 PM)
काल (05:56 PM–07:26 PM) · लाभ (07:26 PM–08:56 PM) · उद्वेग (08:56 PM–10:27 PM) · शुभ (10:27 PM–11:57 PM) · अमृत (11:57 PM–01:27 AM) · चर (01:27 AM–02:58 AM) · रोग (02:58 AM–04:28 AM) · काल (04:28 AM–05:59 AM)
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
चेन्नई (तमिलनाडु) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (13.1°N, 80.3°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। सागर-तट का यह महानगर कपालीश्वर मंदिर जैसे प्राचीन मंदिरों का घर है। पूर्व-पश्चिम स्थिति के कारण यहाँ सूर्योदय दिल्ली से औसतन लगभग 12 मिनट पहले होता है — इसीलिए राहुकाल, चौघड़िया और होरा के समय हर शहर में अलग पड़ते हैं।
व्रत-त्योहार का निर्णय प्रायः सूर्योदय-व्यापिनी तिथि से होता है, इसलिए चेन्नई के व्रत-पर्व की सही तारीख़ इसी स्थानीय पंचांग से देखिए — तिथि, नक्षत्र, योग व करण अपने समाप्ति-समय के साथ ऊपर की तालिका में हैं।
⏳ चेन्नई राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
चेन्नई का पंचांग किस गणना से बनता है?
चेन्नई के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
चेन्नई में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।