📅 गया का आज का पंचांग

किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क

🕉 –

आज का पंचांग — गया (23-10-2026)

🎉 पर्व: प्रदोष व्रत

🕉 पंचांग के पाँच अंग

वारशुक्रवार
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशी — 23 अक्तू 02:36 PM तक, फिर त्रयोदशी — 24 अक्तू 01:37 PM तक
नक्षत्रपू.भाद्रपद — 23 अक्तू 09:02 PM तक, फिर उ.भाद्रपद — 24 अक्तू 08:32 PM तक
योगध्रुव — 10:08 PM तक, फिर व्याघात — 08:00 PM, 24 अक्तू तक
करणबालव — 02:36 PM तक, फिर कौलव — 02:12 AM, 24 अक्तू तक
नक्षत्र-पदपू.भाद्रपद पद 2 (09:01 AM तक) · पू.भाद्रपद पद 3 (03:03 PM तक) · पू.भाद्रपद पद 4 (09:03 PM तक) · उ.भाद्रपद पद 1 (02:59 AM, 24 अक्तू तक) · उ.भाद्रपद पद 2 (08:52 AM, 24 अक्तू तक)

🌞 सूर्य-चंद्र

सूर्योदय – सूर्यास्त05:52 AM – 05:16 PM
चंद्रोदय – चंद्रास्त03:23 PM – —
दिनमान / रात्रिमान11 घंटे 24 मिनट / 12 घंटे 36 मिनट
मध्याह्न11:34 AM
सूर्य / चंद्र राशितुला / कुंभ — 03:03 PM तक, फिर मीन
सूर्य नक्षत्रचित्रा (पद 4)
मास / ऋतु / अयनआश्विन / शरद / दक्षिणायन
अमांत / पूर्णिमांत मासआश्विन / आश्विन

✅ शुभ काल

अभिजित मुहूर्त11:11 AM – 11:57 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM – 05:02 AM
अमृत काल12:58 PM – 02:35 PM
विजय मुहूर्त01:28 PM – 02:13 PM
गोधूलि मुहूर्त05:16 PM – 05:41 PM
निशीथ काल11:08 PM – 11:59 PM
प्रातः / सायं सन्ध्या04:36 AM – 05:52 AM · 05:16 PM – 06:32 PM

⛔ अशुभ काल

राहुकाल10:09 AM – 11:34 AM
यमगंड02:25 PM – 03:51 PM
गुलिक काल07:18 AM – 08:43 AM
दुर्मुहूर्त08:08 AM – 08:54 AM · 11:56 AM – 12:42 PM
वर्ज्यम्आज नहीं
भद्राआज नहीं
पंचक05:52 AM – 05:52 AM
गंडमूलआज नहीं
विंछुडोआज नहीं

🧭 वास, शूल व बल

दिशा शूलपश्चिम
नक्षत्र शूलदक्षिण (05:52 AM – 09:02 PM)
चन्द्र वासपश्चिम (03:03 PM तक) · उत्तर
राहु वासदक्षिण-पूर्व
अग्निवासआकाश (गगन)
शिववासकैलाश पर
होमाहुतिशनि (09:02 PM तक) · चन्द्र
बाणचोर बाण
कुम्भ चक्र / जीवन / नेत्रपश्चिम / पूर्ण जीवन / दो नेत्र
आनन्दादि योगध्वांक्ष (09:03 PM तक) · ध्वज
तमिल योगमरण (09:03 PM तक) · सिद्ध
चन्द्र बल (राशियाँ)मेष, वृष, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ
चन्द्राष्टमकर्क
तारा बल (नक्षत्र)भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, ज्येष्ठा, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उ.भाद्रपद, रेवती (09:02 PM तक)

🕐 दिन का चौघड़िया

चर (05:52 AM–07:17 AM) · ✓ लाभ (07:17 AM–08:43 AM) · ✓ अमृत (08:43 AM–10:08 AM) · काल (10:08 AM–11:34 AM) · ✓ शुभ (11:34 AM–12:59 PM) · रोग (12:59 PM–02:25 PM) · उद्वेग (02:25 PM–03:50 PM) · चर (03:50 PM–05:16 PM)

🌙 रात का चौघड़िया

रोग (05:16 PM–06:50 PM) · काल (06:50 PM–08:25 PM) · ✓ लाभ (08:25 PM–09:59 PM) · उद्वेग (09:59 PM–11:34 PM) · ✓ शुभ (11:34 PM–01:08 AM) · ✓ अमृत (01:08 AM–02:43 AM) · चर (02:43 AM–04:17 AM) · रोग (04:17 AM–05:52 AM)

🪷 गौरी पंचांगम् (दिन)

✓ सुगम (05:52 AM–07:17 AM) · सोर (07:17 AM–08:43 AM) · विष (08:43 AM–10:08 AM) · ✓ उथी (10:08 AM–11:34 AM) · ✓ अमृत (11:34 AM–12:59 PM) · रोग (12:59 PM–02:25 PM) · ✓ लाभ (02:25 PM–03:50 PM) · ✓ धन (03:50 PM–05:16 PM)

♈ उदय लग्न

तुला (05:52 AM–07:47 AM) · वृश्चिक (07:47 AM–10:04 AM) · धनु (10:04 AM–12:09 PM) · मकर (12:09 PM–01:54 PM) · कुंभ (01:54 PM–03:25 PM) · मीन (03:25 PM–04:54 PM) · मेष (04:54 PM–06:33 PM) · वृष (06:33 PM–08:30 PM) · मिथुन (08:30 PM–10:44 PM) · कर्क (10:44 PM–01:01 AM, 24 अक्तू) · सिंह (01:01 AM, 24 अक्तू–03:15 AM, 24 अक्तू) · कन्या (03:15 AM, 24 अक्तू–05:27 AM, 24 अक्तू)

🔎 पंचक-रहित मुहूर्त

✓ शुभ मुहूर्त (05:52 AM–07:47 AM) · चोर पंचक (07:47 AM–10:04 AM) · ✓ शुभ मुहूर्त (10:04 AM–12:09 PM) · रोग पंचक (12:09 PM–01:54 PM) · ✓ शुभ मुहूर्त (01:54 PM–02:36 PM) · मृत्यु पंचक (02:36 PM–03:25 PM) · अग्नि पंचक (03:25 PM–04:54 PM) · ✓ शुभ मुहूर्त (04:54 PM–06:33 PM)

📜 संवत व कैलेंडर

विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत1948 (पराभव)
गुजराती संवत2082 (पिंगल)
कलियुग वर्ष / अहर्गण5127 / 1872871
राष्ट्रीय (शक) तिथि1 कार्तिक 1948
जूलियन दिन / MJD2461336.5 / 61336
अयनांश (लाहिरी)24° 13′ 54″
मंत्रिमंडल (वर्ष)राजा: गुरु · मंत्री: मंगल · सेनापति: चन्द्र · सस्येश: गुरु · धान्येश: बुध · मेघेश: चन्द्र · रसेश: शनि · नीरसेश: गुरु · फलेश: चन्द्र · धनेश: गुरु

Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय से सूर्योदय तक वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।

🌆 गया का पंचांग अलग क्यों होता है?

गया (बिहार) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (24.8°N, 85.0°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। विष्णुपद मंदिर वाला यह तीर्थ पितृ-पक्ष के पिंडदान-श्राद्ध के लिए सर्वोच्च माना जाता है। पूर्व-पश्चिम स्थिति के कारण यहाँ सूर्योदय दिल्ली से औसतन लगभग 31 मिनट पहले होता है — इसीलिए राहुकाल, चौघड़िया और होरा के समय हर शहर में अलग पड़ते हैं।

कोई भी शुभ कार्य — गृह-प्रवेश, ख़रीदारी, यात्रा या नया आरंभ — करने से पहले गया का राहुकाल और चौघड़िया अवश्य देख लें; शुभ चौघड़िया व अभिजित मुहूर्त की घड़ियाँ ऊपर की तालिका में स्थानीय समय पर दी गई हैं।

⏳ गया राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली

❓ गया पंचांग — सामान्य प्रश्न

गया का पंचांग किस गणना से बनता है?
गया के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।

पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।

गया में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।

शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।