किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
🎉 पर्व: सोमवार व्रत
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वितीया — 10:13 PM तक |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती — 11:52 PM तक |
| योग | विष्कुंभ — 08:31 PM तक |
| करण | बालव |
| मास / ऋतु | आश्विन / शरद |
| संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948 |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / तुला |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 06:19 AM – 05:54 PM |
| चंद्रोदय | 07:50 AM |
| राहुकाल | 07:46 AM – 09:13 AM |
|---|---|
| यमगंड | 10:40 AM – 12:07 PM |
| गुलिक काल | 01:33 PM – 03:00 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 AM – 12:30 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:40 AM – 05:29 AM |
| दिशा शूल | पूर्व |
अमृत (06:19 AM–07:45 AM) · काल (07:45 AM–09:12 AM) · शुभ (09:12 AM–10:39 AM) · रोग (10:39 AM–12:06 PM) · उद्वेग (12:06 PM–01:33 PM) · चर (01:33 PM–03:00 PM) · लाभ (03:00 PM–04:27 PM) · अमृत (04:27 PM–05:54 PM)
चर (05:54 PM–07:27 PM) · रोग (07:27 PM–09:00 PM) · काल (09:00 PM–10:33 PM) · लाभ (10:33 PM–12:07 AM) · उद्वेग (12:07 AM–01:40 AM) · शुभ (01:40 AM–03:13 AM) · अमृत (03:13 AM–04:46 AM) · चर (04:46 AM–06:20 AM)
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
गाज़ियाबाद (उत्तर प्रदेश) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (28.7°N, 77.5°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। देशांतर में दिल्ली के लगभग बराबर होने से यहाँ का सूर्योदय दिल्ली के आस-पास ही रहता है, फिर भी हर गणना इसी नगर के निर्देशांक से होती है।
ऊपर की तालिका में तिथि-नक्षत्र अपने समाप्ति-समय सहित हैं, ताकि दिन की योजना ठीक घड़ी तक बन सके। गाज़ियाबाद का राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल भी इसी स्थानीय दिनमान से निकाले जाते हैं — किसी और शहर का समय यहाँ लागू न करें।
⏳ गाज़ियाबाद राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
गाज़ियाबाद का पंचांग किस गणना से बनता है?
गाज़ियाबाद के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
गाज़ियाबाद में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।