📅 जयपुर का आज का पंचांग

किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क

🕉 वैदिक घड़ी · Delhi
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घटी : पल : विपल
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घंटा : मिनट : सेकंड
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🕉 घटी-घड़ी क्या है? पूरी व्याख्या →

आज का पंचांग — जयपुर (12-10-2026)

🎉 पर्व: सोमवार व्रत

तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीया — 10:13 PM तक
नक्षत्रस्वाती — 11:52 PM तक
योगविष्कुंभ — 08:31 PM तक
करणबालव
मास / ऋतुआश्विन / शरद
संवतविक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948
सूर्य / चंद्र राशिकन्या / तुला
सूर्योदय – सूर्यास्त06:25 AM – 06:02 PM
चंद्रोदय07:54 AM

⏳ शुभ-अशुभ काल

राहुकाल07:52 AM – 09:19 AM
यमगंड10:46 AM – 12:14 PM
गुलिक काल01:41 PM – 03:08 PM
अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:46 AM – 05:35 AM
दिशा शूलपूर्व

🕐 दिन का चौघड़िया

अमृत (06:25 AM–07:52 AM) · काल (07:52 AM–09:19 AM) · शुभ (09:19 AM–10:46 AM) · रोग (10:46 AM–12:13 PM) · उद्वेग (12:13 PM–01:40 PM) · चर (01:40 PM–03:07 PM) · लाभ (03:07 PM–04:34 PM) · अमृत (04:34 PM–06:02 PM)

🌙 रात का चौघड़िया

चर (06:02 PM–07:34 PM) · रोग (07:34 PM–09:07 PM) · काल (09:07 PM–10:40 PM) · लाभ (10:40 PM–12:13 AM) · उद्वेग (12:13 AM–01:46 AM) · शुभ (01:46 AM–03:19 AM) · अमृत (03:19 AM–04:52 AM) · चर (04:52 AM–06:25 AM)

Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।

🌆 जयपुर का पंचांग अलग क्यों होता है?

जयपुर (राजस्थान) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (26.9°N, 75.8°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। गुलाबी नगरी कहलाने वाला यह नगर गोविंद देव जी मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है। पूर्व-पश्चिम स्थिति के कारण यहाँ सूर्योदय दिल्ली से औसतन लगभग 6 मिनट बाद होता है — इसीलिए राहुकाल, चौघड़िया और होरा के समय हर शहर में अलग पड़ते हैं।

व्रत-त्योहार का निर्णय प्रायः सूर्योदय-व्यापिनी तिथि से होता है, इसलिए जयपुर के व्रत-पर्व की सही तारीख़ इसी स्थानीय पंचांग से देखिए — तिथि, नक्षत्र, योग व करण अपने समाप्ति-समय के साथ ऊपर की तालिका में हैं।

⏳ जयपुर राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली

⏰ राहुकाल जयपुर🕐 चौघड़िया जयपुर🌗 होरा जयपुर📅 हिन्दू कैलेंडर🪔 व्रत-त्योहार

❓ जयपुर पंचांग — सामान्य प्रश्न

जयपुर का पंचांग किस गणना से बनता है?
जयपुर के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।

पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।

जयपुर में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।

शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।