किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
🎉 पर्व: एकादशी व्रत, मंगलवार – हनुमान पूजा
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी — 12:35 AM तक |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा — 10:17 PM तक |
| योग | सिद्ध — 07:20 AM तक |
| करण | बव |
| मास / ऋतु | भाद्रपद / शरद |
| संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948 |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / कर्क |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 06:28 AM – 06:09 PM |
| चंद्रोदय | — |
| राहुकाल | 03:14 PM – 04:41 PM |
|---|---|
| यमगंड | 09:23 AM – 10:51 AM |
| गुलिक काल | 12:19 PM – 01:46 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 AM – 12:42 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:49 AM – 05:39 AM |
| दिशा शूल | उत्तर |
रोग (06:28 AM–07:55 AM) · उद्वेग (07:55 AM–09:23 AM) · चर (09:23 AM–10:50 AM) · लाभ (10:50 AM–12:18 PM) · अमृत (12:18 PM–01:46 PM) · काल (01:46 PM–03:13 PM) · शुभ (03:13 PM–04:41 PM) · रोग (04:41 PM–06:09 PM)
काल (06:09 PM–07:41 PM) · लाभ (07:41 PM–09:14 PM) · उद्वेग (09:14 PM–10:46 PM) · शुभ (10:46 PM–12:19 AM) · अमृत (12:19 AM–01:51 AM) · चर (01:51 AM–03:24 AM) · रोग (03:24 AM–04:56 AM) · काल (04:56 AM–06:29 AM)
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
जम्मू (जम्मू-कश्मीर) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (32.7°N, 74.9°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। मंदिरों की नगरी कहलाने वाला यह नगर माता वैष्णो देवी यात्रा का प्रवेश-द्वार है। पूर्व-पश्चिम स्थिति के कारण यहाँ सूर्योदय दिल्ली से औसतन लगभग 9 मिनट बाद होता है — इसीलिए राहुकाल, चौघड़िया और होरा के समय हर शहर में अलग पड़ते हैं।
कोई भी शुभ कार्य — गृह-प्रवेश, ख़रीदारी, यात्रा या नया आरंभ — करने से पहले जम्मू का राहुकाल और चौघड़िया अवश्य देख लें; शुभ चौघड़िया व अभिजित मुहूर्त की घड़ियाँ ऊपर की तालिका में स्थानीय समय पर दी गई हैं।
⏳ जम्मू राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
जम्मू का पंचांग किस गणना से बनता है?
जम्मू के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
जम्मू में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।