किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
🎉 पर्व: प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी — 10:16 PM तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पू.फाल्गुनी — 09:20 PM तक |
| योग | शुक्ल — 12:58 AM तक |
| करण | गर |
| मास / ऋतु | भाद्रपद / शरद |
| संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948 |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / सिंह |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 06:33 AM – 06:17 PM |
| चंद्रोदय | — |
| राहुकाल | 01:53 PM – 03:21 PM |
|---|---|
| यमगंड | 06:33 AM – 08:01 AM |
| गुलिक काल | 09:29 AM – 10:57 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:02 PM – 12:48 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:55 AM – 05:44 AM |
| दिशा शूल | दक्षिण |
शुभ (06:33 AM–08:01 AM) · रोग (08:01 AM–09:29 AM) · उद्वेग (09:29 AM–10:57 AM) · चर (10:57 AM–12:25 PM) · लाभ (12:25 PM–01:53 PM) · अमृत (01:53 PM–03:21 PM) · काल (03:21 PM–04:49 PM) · शुभ (04:49 PM–06:17 PM)
अमृत (06:17 PM–07:49 PM) · चर (07:49 PM–09:21 PM) · रोग (09:21 PM–10:53 PM) · काल (10:53 PM–12:25 AM) · लाभ (12:25 AM–01:57 AM) · उद्वेग (01:57 AM–03:29 AM) · शुभ (03:29 AM–05:01 AM) · अमृत (05:01 AM–06:34 AM)
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
जोधपुर (राजस्थान) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (26.2°N, 73.0°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। «सूर्य-नगरी» कहलाने वाला यह नगर राजस्थान का प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र है। पूर्व-पश्चिम स्थिति के कारण यहाँ सूर्योदय दिल्ली से औसतन लगभग 17 मिनट बाद होता है — इसीलिए राहुकाल, चौघड़िया और होरा के समय हर शहर में अलग पड़ते हैं।
ऊपर की तालिका में तिथि-नक्षत्र अपने समाप्ति-समय सहित हैं, ताकि दिन की योजना ठीक घड़ी तक बन सके। जोधपुर का राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल भी इसी स्थानीय दिनमान से निकाले जाते हैं — किसी और शहर का समय यहाँ लागू न करें।
⏳ जोधपुर राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
जोधपुर का पंचांग किस गणना से बनता है?
जोधपुर के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
जोधपुर में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।