किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
🎉 पर्व: शारदीय नवरात्रि आरंभ
| तिथि | शुक्ल पक्ष प्रतिपदा — 09:31 PM तक |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा — 10:32 PM तक |
| योग | वैधृति — 09:10 PM तक |
| करण | किंस्तुघ्न |
| मास / ऋतु | आश्विन / शरद |
| संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948 |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / कन्या |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 06:21 AM – 05:55 PM |
| चंद्रोदय | 06:55 AM |
| राहुकाल | 04:28 PM – 05:55 PM |
|---|---|
| यमगंड | 12:08 PM – 01:35 PM |
| गुलिक काल | 03:02 PM – 04:28 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 AM – 12:31 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:42 AM – 05:31 AM |
| दिशा शूल | पश्चिम |
उद्वेग (06:21 AM–07:47 AM) · चर (07:47 AM–09:14 AM) · लाभ (09:14 AM–10:41 AM) · अमृत (10:41 AM–12:08 PM) · काल (12:08 PM–01:34 PM) · शुभ (01:34 PM–03:01 PM) · रोग (03:01 PM–04:28 PM) · उद्वेग (04:28 PM–05:55 PM)
शुभ (05:55 PM–07:28 PM) · अमृत (07:28 PM–09:01 PM) · चर (09:01 PM–10:35 PM) · रोग (10:35 PM–12:08 AM) · काल (12:08 AM–01:41 AM) · लाभ (01:41 AM–03:15 AM) · उद्वेग (03:15 AM–04:48 AM) · शुभ (04:48 AM–06:22 AM)
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
शिमला (हिमाचल प्रदेश) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (31.1°N, 77.2°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। देशांतर में दिल्ली के लगभग बराबर होने से यहाँ का सूर्योदय दिल्ली के आस-पास ही रहता है, फिर भी हर गणना इसी नगर के निर्देशांक से होती है।
ऊपर की तालिका में तिथि-नक्षत्र अपने समाप्ति-समय सहित हैं, ताकि दिन की योजना ठीक घड़ी तक बन सके। शिमला का राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल भी इसी स्थानीय दिनमान से निकाले जाते हैं — किसी और शहर का समय यहाँ लागू न करें।
⏳ शिमला राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
शिमला का पंचांग किस गणना से बनता है?
शिमला के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
शिमला में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।