किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
🎉 पर्व: शारदीय नवरात्रि आरंभ
| तिथि | शुक्ल पक्ष प्रतिपदा — 09:31 PM तक |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा — 10:32 PM तक |
| योग | वैधृति — 09:12 PM तक |
| करण | किंस्तुघ्न |
| मास / ऋतु | आश्विन / शरद |
| संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948 |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / कन्या |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 06:33 AM – 06:02 PM |
| चंद्रोदय | 07:09 AM |
| राहुकाल | 04:36 PM – 06:02 PM |
|---|---|
| यमगंड | 12:18 PM – 01:44 PM |
| गुलिक काल | 03:10 PM – 04:36 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 AM – 12:40 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:53 AM – 05:43 AM |
| दिशा शूल | पश्चिम |
उद्वेग (06:33 AM–07:59 AM) · चर (07:59 AM–09:25 AM) · लाभ (09:25 AM–10:51 AM) · अमृत (10:51 AM–12:17 PM) · काल (12:17 PM–01:43 PM) · शुभ (01:43 PM–03:09 PM) · रोग (03:09 PM–04:35 PM) · उद्वेग (04:35 PM–06:02 PM)
शुभ (06:02 PM–07:35 PM) · अमृत (07:35 PM–09:09 PM) · चर (09:09 PM–10:43 PM) · रोग (10:43 PM–12:17 AM) · काल (12:17 AM–01:51 AM) · लाभ (01:51 AM–03:25 AM) · उद्वेग (03:25 AM–04:59 AM) · शुभ (04:59 AM–06:33 AM)
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (34.1°N, 74.8°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। डल झील वाला यह नगर शंकराचार्य मंदिर व अमरनाथ यात्रा-मार्ग से जुड़ा है। पूर्व-पश्चिम स्थिति के कारण यहाँ सूर्योदय दिल्ली से औसतन लगभग 10 मिनट बाद होता है — इसीलिए राहुकाल, चौघड़िया और होरा के समय हर शहर में अलग पड़ते हैं।
व्रत-त्योहार का निर्णय प्रायः सूर्योदय-व्यापिनी तिथि से होता है, इसलिए श्रीनगर के व्रत-पर्व की सही तारीख़ इसी स्थानीय पंचांग से देखिए — तिथि, नक्षत्र, योग व करण अपने समाप्ति-समय के साथ ऊपर की तालिका में हैं।
⏳ श्रीनगर राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
श्रीनगर का पंचांग किस गणना से बनता है?
श्रीनगर के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
श्रीनगर में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।