किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
| वार | गुरुवार |
|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष पंचमी — 16 अक्तू 03:25 AM तक, फिर षष्ठी — 17 अक्तू 05:54 AM तक |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा — 16 अक्तू 06:47 AM तक, फिर मूल — 17 अक्तू 09:47 AM तक |
| योग | सौभाग्य — 09:14 PM तक, फिर शोभन — 10:05 PM, 16 अक्तू तक |
| करण | बव — 02:16 PM तक, फिर बालव — 03:25 AM, 16 अक्तू तक |
| नक्षत्र-पद | ज्येष्ठा पद 1 (10:42 AM तक) · ज्येष्ठा पद 2 (05:22 PM तक) · ज्येष्ठा पद 3 (12:04 AM, 16 अक्तू तक) · ज्येष्ठा पद 4 (06:47 AM, 16 अक्तू तक) |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 06:33 AM – 06:09 PM |
|---|---|
| चंद्रोदय – चंद्रास्त | 10:49 AM – 09:10 PM |
| दिनमान / रात्रिमान | 11 घंटे 36 मिनट / 12 घंटे 24 मिनट |
| मध्याह्न | 12:21 PM |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / वृश्चिक — 06:47 AM, 16 अक्तू तक, फिर धनु |
| सूर्य नक्षत्र | चित्रा (पद 2) |
| मास / ऋतु / अयन | आश्विन / शरद / दक्षिणायन |
| अमांत / पूर्णिमांत मास | आश्विन / आश्विन |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 AM – 12:44 PM |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:54 AM – 05:43 AM |
| अमृत काल | 08:59 PM – 10:46 PM |
| विजय मुहूर्त | 02:17 PM – 03:03 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 06:09 PM – 06:34 PM |
| निशीथ काल | 11:56 PM – 12:45 AM, 16 अक्तू |
| प्रातः / सायं सन्ध्या | 05:19 AM – 06:33 AM · 06:09 PM – 07:23 PM |
| राहुकाल | 01:48 PM – 03:15 PM |
|---|---|
| यमगंड | 06:33 AM – 08:00 AM |
| गुलिक काल | 09:27 AM – 10:54 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:25 AM – 11:11 AM · 03:03 PM – 03:49 PM |
| वर्ज्यम् | 10:17 AM – 12:04 PM |
| भद्रा | आज नहीं |
| पंचक | आज नहीं |
| गंडमूल | 06:33 AM – 06:47 AM, 16 अक्तू |
| विंछुडो | 06:33 AM – 06:33 AM, 16 अक्तू |
| दिशा शूल | दक्षिण |
|---|---|
| नक्षत्र शूल | पूर्व (06:33 AM – 06:47 AM, 16 अक्तू) |
| चन्द्र वास | उत्तर |
| राहु वास | दक्षिण |
| अग्निवास | पृथ्वी (भू-लोक) |
| शिववास | कैलाश पर |
| होमाहुति | बुध |
| बाण | मृत्यु बाण |
| कुम्भ चक्र / जीवन / नेत्र | पूर्व / अर्ध जीवन / एक नेत्र |
| आनन्दादि योग | कालदण्ड |
| तमिल योग | मरण |
| चन्द्र बल (राशियाँ) | वृष, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ |
| चन्द्राष्टम | मेष |
| तारा बल (नक्षत्र) | अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उ.भाद्रपद (06:47 AM, 16 अक्तू तक) |
✓ शुभ (06:33 AM–08:00 AM) · रोग (08:00 AM–09:27 AM) · उद्वेग (09:27 AM–10:54 AM) · चर (10:54 AM–12:21 PM) · ✓ लाभ (12:21 PM–01:48 PM) · ✓ अमृत (01:48 PM–03:15 PM) · काल (03:15 PM–04:42 PM) · ✓ शुभ (04:42 PM–06:09 PM)
✓ अमृत (06:09 PM–07:42 PM) · चर (07:42 PM–09:15 PM) · रोग (09:15 PM–10:48 PM) · काल (10:48 PM–12:21 AM) · ✓ लाभ (12:21 AM–01:54 AM) · उद्वेग (01:54 AM–03:27 AM) · ✓ शुभ (03:27 AM–05:00 AM) · ✓ अमृत (05:00 AM–06:33 AM)
✓ धन (06:33 AM–08:00 AM) · ✓ सुगम (08:00 AM–09:27 AM) · सोर (09:27 AM–10:54 AM) · विष (10:54 AM–12:21 PM) · ✓ उथी (12:21 PM–01:48 PM) · ✓ अमृत (01:48 PM–03:15 PM) · रोग (03:15 PM–04:42 PM) · ✓ लाभ (04:42 PM–06:09 PM)
कन्या (06:33 AM–06:47 AM) · तुला (06:47 AM–09:03 AM) · वृश्चिक (09:03 AM–11:20 AM) · धनु (11:20 AM–01:25 PM) · मकर (01:25 PM–03:10 PM) · कुंभ (03:10 PM–04:42 PM) · मीन (04:42 PM–06:11 PM) · मेष (06:11 PM–07:50 PM) · वृष (07:50 PM–09:47 PM) · मिथुन (09:47 PM–12:01 AM, 16 अक्तू) · कर्क (12:01 AM, 16 अक्तू–02:18 AM, 16 अक्तू) · सिंह (02:18 AM, 16 अक्तू–04:31 AM, 16 अक्तू)
✓ शुभ मुहूर्त (06:33 AM–06:47 AM) · रोग पंचक (06:47 AM–09:03 AM) · ✓ शुभ मुहूर्त (09:03 AM–11:20 AM) · मृत्यु पंचक (11:20 AM–01:25 PM) · अग्नि पंचक (01:25 PM–03:10 PM) · ✓ शुभ मुहूर्त (03:10 PM–04:42 PM) · राज पंचक (04:42 PM–06:11 PM) · अग्नि पंचक (06:11 PM–07:50 PM)
| विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थी) |
|---|---|
| शक संवत | 1948 (पराभव) |
| गुजराती संवत | 2082 (पिंगल) |
| कलियुग वर्ष / अहर्गण | 5127 / 1872863 |
| राष्ट्रीय (शक) तिथि | 23 आश्विन 1948 |
| जूलियन दिन / MJD | 2461328.5 / 61328 |
| अयनांश (लाहिरी) | 24° 13′ 53″ |
| मंत्रिमंडल (वर्ष) | राजा: गुरु · मंत्री: मंगल · सेनापति: चन्द्र · सस्येश: गुरु · धान्येश: बुध · मेघेश: चन्द्र · रसेश: शनि · नीरसेश: गुरु · फलेश: चन्द्र · धनेश: गुरु |
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय से सूर्योदय तक वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
उदयपुर (राजस्थान) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (24.6°N, 73.7°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। «झीलों की नगरी» कहलाने वाला यह नगर एकलिंगजी मंदिर के लिए भी जाना जाता है। पूर्व-पश्चिम स्थिति के कारण यहाँ सूर्योदय दिल्ली से औसतन लगभग 14 मिनट बाद होता है — इसीलिए राहुकाल, चौघड़िया और होरा के समय हर शहर में अलग पड़ते हैं।
व्रत-त्योहार का निर्णय प्रायः सूर्योदय-व्यापिनी तिथि से होता है, इसलिए उदयपुर के व्रत-पर्व की सही तारीख़ इसी स्थानीय पंचांग से देखिए — तिथि, नक्षत्र, योग व करण अपने समाप्ति-समय के साथ ऊपर की तालिका में हैं।
⏳ उदयपुर राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
उदयपुर का पंचांग किस गणना से बनता है?
उदयपुर के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
उदयपुर में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।