किसी भी तिथि व स्थान का सटीक वैदिक पंचांग — निःशुल्क
🎉 पर्व: मंगलवार – हनुमान पूजा
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया — 11:28 PM तक |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा — 01:42 AM तक |
| योग | प्रीति — 08:23 PM तक |
| करण | तैतिल |
| मास / ऋतु | आश्विन / शरद |
| संवत | विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) · शक संवत 1948 |
| सूर्य / चंद्र राशि | कन्या / तुला |
| सूर्योदय – सूर्यास्त | 05:55 AM – 05:33 PM |
| चंद्रोदय | 08:19 AM |
| राहुकाल | 02:39 PM – 04:06 PM |
|---|---|
| यमगंड | 08:50 AM – 10:17 AM |
| गुलिक काल | 11:44 AM – 01:11 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:21 AM – 12:07 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:16 AM – 05:06 AM |
| दिशा शूल | उत्तर |
रोग (05:55 AM–07:22 AM) · उद्वेग (07:22 AM–08:49 AM) · चर (08:49 AM–10:16 AM) · लाभ (10:16 AM–11:44 AM) · अमृत (11:44 AM–01:11 PM) · काल (01:11 PM–02:38 PM) · शुभ (02:38 PM–04:05 PM) · रोग (04:05 PM–05:33 PM)
काल (05:33 PM–07:05 PM) · लाभ (07:05 PM–08:38 PM) · उद्वेग (08:38 PM–10:11 PM) · शुभ (10:11 PM–11:44 PM) · अमृत (11:44 PM–01:17 AM) · चर (01:17 AM–02:50 AM) · रोग (02:50 AM–04:23 AM) · काल (04:23 AM–05:56 AM)
Swiss Ephemeris व लाहिरी अयनांश पर आधारित सटीक गणना — सूर्योदय-आधारित वैदिक दिन। तारीख़/शहर बदलने के लिए ऊपर का फ़ॉर्म प्रयोग करें।
वाराणसी (उत्तर प्रदेश) का यह पंचांग स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त (25.3°N, 83.0°E) पर Swiss Ephemeris से बनता है। गंगा-तट की यह काशी नगरी बाबा विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का धाम है — विश्व की प्राचीनतम जीवित नगरियों में गिनी जाती है। पूर्व-पश्चिम स्थिति के कारण यहाँ सूर्योदय दिल्ली से औसतन लगभग 23 मिनट पहले होता है — इसीलिए राहुकाल, चौघड़िया और होरा के समय हर शहर में अलग पड़ते हैं।
कोई भी शुभ कार्य — गृह-प्रवेश, ख़रीदारी, यात्रा या नया आरंभ — करने से पहले वाराणसी का राहुकाल और चौघड़िया अवश्य देख लें; शुभ चौघड़िया व अभिजित मुहूर्त की घड़ियाँ ऊपर की तालिका में स्थानीय समय पर दी गई हैं।
⏳ वाराणसी राहुकाल · 🕐 चौघड़िया · 🕐 होरा · 🕉 शुभ मुहूर्त · 🪔 निःशुल्क कुंडली
वाराणसी का पंचांग किस गणना से बनता है?
वाराणसी के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris से — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त शहर-विशेष निकलते हैं, इसीलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है।
पंचांग का दिन कब बदलता है?
वैदिक दिन सूर्योदय से बदलता है, रात 12 बजे से नहीं — इसलिए सूर्योदय से पहले देखा गया «आज» वस्तुतः पिछला पंचांग-दिन होता है।
वाराणसी में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल दिनमान का आठवाँ भाग है और हर वार को अलग खंड में पड़ता है — ऊपर की तालिका में आज का समय दिख रहा है; पूरा विवरण राहुकाल-पन्ने पर है।
शुभ कार्य के लिए समय कैसे चुनें?
पहले तिथि-नक्षत्र की शुद्धि, फिर अभिजित/चौघड़िया-मुहूर्त और राहुकाल-यमगंड का त्याग — विवाह जैसे बड़े कार्यों के लिए कुंडली-आधारित मुहूर्त ही लें।
सटीक तिथि, पूजा-मुहूर्त, चरण-दर-चरण विधि, सामग्री-सूची व कथा — हर व्रत का अपना पन्ना।